चिदंबरम ने नहीं जताई थी आपत्ति

भुवनेश्वर| भाषा| पुनः संशोधित शनिवार, 26 फ़रवरी 2011 (15:29 IST)
उड़ीसा के मुख्यमंत्री ने आज दावा किया कि केंद्रीय गृहमंत्री पी. ने दो अधिकारियों को माओवादियों के चंगुल से रिहा कराने के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए किसी कदम पर आपत्ति नहीं जताई थी।

मीडिया में आई खबरों के मद्देनजर पटनायक ने संवाददाताओं से कहा कि जिलाधीश एवं जूनियर इंजीनियर के अपहरण के बाद केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने मुझसे बात की थी और उन्होंने निश्चित तौर पर हमारे द्वारा उठाए गए किसी कदम पर आपत्ति व्यक्त नहीं की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद हमने उनकी रिहाई के लिए उचित कदम उठाए।
पटनायक ने कहा कि 16 फरवरी को मलकानगिरि के जिलाधीश आर. विनील कृष्णा और जूनियर इंजीनियर पवित्र कुमार माझी के अपहरण के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी उनसे एक बार बात की थी।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी इन खबरों के बाद आई है कि केंद्र दो अधिकारियों की रिहाई के लिए माओवादियों के साथ उड़ीसा सरकार के समझौते खासकर जेल में बंद कुछ शीर्ष माओवादी नेताओं को छोड़ने के पक्ष में नहीं था।
इस बीच दो सरकारी अधिकारियों के अपहरण की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए राज्य के दौरे पर आए कांग्रेस सांसद नवीन जिन्दल ने कहा कि उनकी सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए उड़ीसा सरकार के खुद के कुछ कारण थे। (भाषा)



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