बेल ने खुद को भाग्यशाली माना

बेंगलुरु| भाषा| पुनः संशोधित सोमवार, 28 फ़रवरी 2011 (22:47 IST)
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इंग्लैंड के बल्लेबाज इयान बेल ने कहा कि वह भाग्यशाली थे जो भारत के खिलाफ विश्व कप के टाई छूटे मैच में लगभग पगबाधा होने के बावजूद अंपायर निर्णय समीक्षा प्रणाली (यूडीआरएस) के कारण उन्हें आगे खेलने का मौका मिला।


बेल ने 69 रन का अमूल्य योगदान दिया, जिससे इंग्लैंड ने 339 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच टाई करवाया। बेल जब 17 रन पर थे, तब उनके खिलाफ पगबाधा की अपील अंपायर बिली बोडेन ने ठुकरा दी थी क्योंकि उन्होंने काफी आगे बढ़कर यह गेंद खेली थी ।

भारत ने यूडीआरएस के तहत अपील की लेकिन तीसरे अंपायर ने भी फैसला नहीं बदला क्योंकि नियमों के अनुसार जहाँ पर गेंद पैड पर लगी थी उसके और स्टंप के बीच 2.5 मीटर से अधिक की दूरी थी।

बेल ने पत्रकारों से कहा मैं नहीं जानता कि नियम क्या है। ईमानदारी से कहूँ तो यदि हाक आई से लग रहा हो कि गेंद स्टंप पर लग रही है तब ऐसा फैसला अटपटा सा लगा। मैंने देखा कि गेंद मेरे पैड पर लगी और वह स्टंप पर लग रही थी।


उन्होंने कहा एशेज श्रृंखला में हमने सकारात्मक परिणाम हासिल किए। हाल के समय में हमें गलत की बजाय अधिक सही फैसले मिले । यदि वे (आईसीसी) विश्व कप के दौरान कुछ भी बदलाव कर रहे हैं तो हमें उसे आत्मसात करना होगा। मैं भाग्यशाली था जो चौथे अंपायर ने मुझे वापस क्रीज पर भेजा। मैं उसका फायदा उठाना चाहता था। बेल ने कहा मैं नियमों से वाकिफ नहीं था। मैंने बड़ी स्क्रीन पर उसे देखा कि गेंद स्टंप पर लग रही थी। इसकी भी समीक्षा की गई थी।
बेल ने कहा कि उन्होंने जिस तरह से लक्ष्य हासिल करने की कोशिश की थी और 41वें ओवर तक उनकी जैसी स्थिति थी वैसे में उन्हें मैच जीतना चाहिए था। उन्होंने कहा हमने 340 या इससे अधिक के लक्ष्य का पीछा करते हुए कभी बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं किया। हम दो अंक हासिल कर सकते थे। यह बेहद रोमांचक मैच था। दोनों टीमों के पास जीत के अवसर थे।

बेल ने कहा कि भारतीयों ने अविश्वसनीय बल्लेबाजी की । उन्होंने कल वास्तव में बहुत अच्छी क्रिकेट खेली । उन्होंने हमारे गेंदबाजों की मुश्किल बढ़ा दी थी। हम एकाग्रता बनाये रखने पर ध्यान दे रहे थे। बेल ने कहा कि चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के अनुकूल थी लेकिन गेंदबाजों के लिये कब्रगाह थी।
उन्होंने कहा बीती रात काफी रोमांचक रही। दोनों टीमों की तरफ से छक्के जड़ने की कोशिश की गई। जिस तरह से सचिन तेंडुलकर ने सही क्रिकेट शॉट खेले, मुझे लगता है कि इस तरह के विकेट पर यही अधिक प्रभावशाली तरीका था।

बेल ने कहा कि उनकी टीम के लिए इस मैच में कई अच्छी बातें रही। उन्होंने कहा कि यह सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय मैच में से एक था। अभी विश्व कप में हमारी शुरुआत है और इस मैच से हमारा आत्मविश्वास बढ़ा है। हमने फिर से बेहतर प्रदर्शन किया। (भाषा)



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