...फिर भी नंबर वन बन सकता है भारत

नई दिल्ली (भाषा)| भाषा|
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श्रीलंका में धमाकेदार प्रदर्शन करने के बाद यदि अपना विजय अभियान न्यूजीलैंड में भी जारी रखता है तो फिर महेंद्रसिंह धोनी की टीम का आईसीसी एकदिवसीय रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज होने का सपना मार्च में पूरा हो सकता है।


भारतीय टीम हाल में पहली बार नंबर दो पर पहुँची और फिर से नंबर तीन पर खिसकने के बावजूद वह इस साल के अपने लक्ष्य यानी नंबर एक बनने में कामयाब हो सकती है। कोच गैरी कर्स्टन ने कहा भी हमारा लक्ष्य इस साल नंबर एक बनना है, लेकिन इसके लिए हमें बेसिक्स पर ध्यान रखकर निरंतर अच्छा प्रदर्शन करना होगा और प्रतिद्वंद्वी टीमों पर दबदबा बनाए रखना होगा।
भारत को श्रीलंका के खिलाफ अंतिम मैच में हार से दो अंक गँवाने पड़े और वह 120 अंक के साथ तीसरे स्थान पर खिसक गया। वह शीर्ष पर काबिज दक्षिण अफ्रीका से पाँच अंक पीछे है। अब भी स्थिति यह है कि भारत यदि अगले महीने न्यूजीलैंड दौरे में पाँच एकदिवसीय मैच की श्रृंखला में क्लीन स्विप के करीब पहुँचता है तो फिर वह एक अप्रैल तक शीर्ष पर पहुँच सकता है।

एक अप्रैल को जो भी टीम चोटी पर रहेगी, उसे एक लाख 75 हजार डॉलर, जबकि दूसरे नंबर पर रहने वाली टीम को 75 हजार डॉलर मिलेंगे। ऑस्ट्रेलिया की एक अप्रैल तक नंबर एक बनने की संभावना नहीं है, क्योंकि उसे अब न्यूजीलैंड के खिलाफ दो मैच खेलने हैं और इन दोनों में जीत दर्ज करने पर वह दूसरे नंबर पर तो पहुँच जाएगा, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के बराबर रेटिंग अंक होने पर दशमलव में गणना पर वह दूसरे नंबर पर ही रहेगा।

दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच एकदिवसीय श्रृंखला तीन अप्रैल से शुरू होगी। दक्षिण अफ्रीका को इस बीच कोई मैच नहीं खेलना है, जबकि भारतीय टीम पाँच मैच खेलेगी और इनमें जीत से वह एक अप्रैल से पहले नंबर एक बन सकती है।

यदि भारतीय टीम मार्च-अप्रैल तक चोटी पर नहीं पहुँच पाती है तो उसके पास जुलाई-अगस्त में वेस्टइंडीज के खिलाफ चार मैचों की श्रृंखला या फिर उसके बाद अक्टूबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सात मैचों की प्रस्तावित श्रृंखला में चोटी पर पहुँचने का मौका रहेगा।
भारत के पास शीर्ष पर पहुँचने के अवसर इसलिए भी रहेंगे, क्योंकि इस बीच ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका एकदिवसीय मैच नहीं खेलेंगे। अभी चोटी पर काबिज दक्षिण अफ्रीकी टीम अप्रैल में ऑस्ट्रेलिया से पाँच वन डे खेलने के बाद सितंबर में प्रस्तावित चैंपियन्स ट्रॉफी में ही भाग लेगी और उसके बाद नवंबर में इंग्लैंड से भिड़ेगी।

जहाँ तक ऑस्ट्रेलिया का सवाल है तो वह अप्रैल में पाकिस्तान के खिलाफ भी पाँच वन डे के अलावा अगस्त-सितंबर में इंग्लैंड से सात एकदिवसीय मैच खेलेगा।
ऑस्ट्रेलिया के एक अप्रैल तक चोटी पर पहुँचने के आसार नहीं हैं और यह अक्टूबर 2002 में आईसीसी टीम रैंकिंग शुरू होने के बाद दूसरा मौका होगा, जबकि ऑस्ट्रेलियाई टीम नंबर एक के पुरस्कार से वंचित रहेगी। इससे पहले पिछले साल ही दक्षिण अफ्रीका ठीक एक अप्रैल से पहले शीर्ष पर काबिज हो गया था।

उस वक्त भी ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के एक समान 127 रेटिंग अंक थे, लेकिन ग्रीम स्मिथ की टीम दशमलव में गणना में बाजी मार गई थी। वैसे इसके कुछ दिन बाद ही ऑस्ट्रेलिया शीर्ष पर पहुँच गया था।
रैंकिंग शुरू होने के बाद ऑस्ट्रेलिया अधिकतर समय चोटी पर, जबकि दक्षिण अफ्रीका दूसरे स्थान पर रहा। बीच में कुछ समय के लिए न्यूजीलैंड और श्रीलंका भी दूसरे नंबर पर पहुँचे, लेकिन भारत को पहली बार यह उपलब्धि हासिल हुई है।

भारत 2002 से लेकर अब तक अधिकतर समय पाँचवें स्थान पर रहा। 2004 के आखिर में तो एक समय उसके रेटिंग अंक 98 हो गए थे और वह आठवें स्थान पर खिसक गया था। इसके अगले साल उसकी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग चार थी। भारत मार्च 2006 में तीसरे नंबर पर पहुँचा था, जो तब उसकी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग थी, लेकिन साल के अंत में वह छठे स्थान पर खिसक गया।
भारतीय टीम 2007 के अंत में 110 रेटिंग अंक के साथ चौथे स्थान तक ही पहुँच पाई, लेकिन नवंबर 2008 में इंग्लैंड के खिलाफ लगातार पाँच मैच जीतने से उसके रेटिंग अंक 119 पर पहुँच गए और वह तीसरे स्थान पर काबिज हो गया। श्रीलंका दौरे में भारत ने पहली बार 120 रेटिंग अंक छुआ।



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