धोनी ने की पाक गेंदबाजी की सराहना

चेन्नई| भाषा| पुनः संशोधित शनिवार, 29 दिसंबर 2012 (23:02 IST)
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भारतीय कप्तान महेंद्रसिंह धोनी ने पाकिस्तान की टीम विशेषकर उसके गेंदबाजी आक्रमण को काफी ऊंचा आंका है, लेकिन उनका मानना है कि रविवार से यहां शुरू हो रही एकदिवसीय श्रृंखला में जिस टीम के प्रदर्शन में निरंतरता होगी उसके जीतने की अधिक संभावना होगी।

धोनी ने मैच की पूर्व संध्या पर कहा, कुल मिलाकर पाकिस्तान की टीम काफी अच्छी है। उसका संयोजन ऐसा है कि उनके पास विशेषज्ञ गेंदबाज हैं और प्रत्येक मैच के लिए पांच गेंदबाज हैं। इस तरह से मुझे उनका गेंदबाजी आक्रमण पूर्ण लगता है। उनके पास अनुभवी बल्लेबाज हैं, जो किसी भी हालात में अच्छी बल्लेबाजी कर सकते हैं। विशेषज्ञ स्पिनर भी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।
भारतीय कप्तान ने कहा, भारतीय टीम से तुलना करने पर यह काफी संतुलित टीम है, जिसमें प्रतिभावान खिलाड़ी हैं। कुल मिलाकर जो टीम अधिक समय तक बल्ले और गेंद से अच्छा प्रदर्शन करेगी, वह अच्छे नतीजे हासिल करेगी।

रविवार को भारतीय टीम सचिन तेंडुलकर के संन्यास के बाद पहला वनडे खेलेगी और धोनी ने कहा कि उन्हें इस अनुभवी खिलाड़ी की कमी खलेगी, लेकिन युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा।
धोनी ने कहा, अगर आप पिछले एक साल के आसपास के समय को देखें तो वह (तेंडुलकर) चुनिंदा एकदिवसीय मैचों में खेल रहे थे। हां, हमें उनकी कमी खलेगी। उनके पास इतना अनुभव है और हमेशा ड्रेसिंग रूप में टीम के युवाओं के दिमाग में उसका काफी असर होता है।

धोनी ने कहा, हम सभी को इसकी कमी खलेगी, लेकिन अगर हम अहम श्रृंखला को देखें तो युवाओं को अच्छा प्रदर्शन करने के लिए मौका चाहिए। भारतीय कप्तान ने साथ ही कहा कि वह एकदिवसीय प्रारूप में आए नए नियमों के काफी बड़े समर्थक नहीं हैं।
उन्होंने कहा, मैं नियमों से बहुत खुश नहीं हूं। मुझे लगता है कि एकदिवसीय क्रिकेट में उस समय काफी बदलाव किए जा रहे हैं, जब लोग टेस्ट क्रिकेट और टी20 में किए प्रयोगों की बात कर रहे हैं। एक ओवर में दो बाउंसर के नए नियम पर प्रतिकिया मांगने पर धोनी ने कहा, जब टीम में उमेश यादव जैसे तेज गेंदबाज होंगे तो हम इसका प्रयास करेंगे। फिलहाल हम इसे नहीं आजमाएंगे।
बेंगलुरु टी20 में हार के बाद मीडिया में हो रही आलोचना पर धोनी ने कहा, यह हमारे नियंत्रण में नहीं है। यह अहम है कि हम मैदान पर अपने काम पर कायम रहें। भारतीय गेंदबाजी को टीम का कमजोर पक्ष माना जाता है, लेकिन कप्तान ने अपने गेंदबाजों का समर्थन किया।

धोनी ने कहा कि परविंदर अवाना और भुवनेश्वर कुमार जैसे युवा गेंदबाजों पर फैसला करने से पहले उन्हें कुछ और मौके मिलने चाहिए। पाकिस्तान के नए युवा तेज गेंदबाज मोहम्मद इरफान के बारे में पूछने पर धोनी ने कहा, यह थोड़ा अलग है। आप कह सकते हैं कि वे हमारे कुछ गेंदबाजों से एक फुट अलग हैं।
धोनी ने कहा, उन्‍हें काफी उछाल मिलता है और उनकी गति ठीकठाक है। हमें उस पर ध्यान देना होगा। हमने उन्‍हें काफी गेंदबाजी करते हुए नहीं देखा है। धोनी ने इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर टोनी ग्रेग को भी श्रद्धांजलि दी, जिनका फेफड़ों के कैंसर के बाद शनिवार को निधन हो गया।

उन्होंने कहा, मुझे उनसे बात करने का अधिक मौका नहीं मिला। मैं तब से उनकी प्रतिक्रिया सुनता था, जब मैंने क्रिकेट पर ध्यान देना शुरू किया था। वे हमेशा ऐसा अहसास कराते थे, मानो हम स्टेडियम में मैच देख रहे हों। निश्चित तौर पर हमें उनकी कमी खलेगी। (भाषा)



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