क्या रोहित शर्मा वीरेंद्र सहवाग की राह पर हैं?

वेबदुनिया डेस्क

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धवन ने दोनों मैचों में शतक जमाये तो रोहित शर्मा ने अर्धशतक लगाकर अपने चयन को सही साबित किया। लेकिन क्या रोहित शर्मा भारतीय टीम के लिए स्थायी सलामी बल्लेबाज हैं या फिर उन्हें एक प्रयोग के तौर पर आज़माया गया है?

यह बिलकुल साफ है कि रोहित को एक प्रयोग के तौर पर ही आज़माया गया है, क्योंकि जब अभ्यास मैचों में दिनेश कार्तिक ने लगातार दो शतक जमाए तो कप्तान धोनी को उन्हें अंतिम ग्यारह में शामिल करना ही पड़ा, लेकिन इस स्थिति में उन्हें सुरेश रैना या रोहित शर्मा में से किसी एक को टीम से बाहर करना पड़ता, जो धोनी चाहते नहीं थे। तो कार्तिक की टीम में जगह बनाने के लिए खराब फॉर्म में चल रहे ‍ि नयमित सलामी बल्लेबाज मुरली विजय को बाहर बैठाकर रोहित शर्मा को सलामी बल्लेबाज की भूमिका दे दी गई। रोहित टी-20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभा चुके हैं, लिहाजा धोनी को यही एक विकल्प लगा जहां रोहित को मौका दिया जा सकता था और रोहित ने कर दिखाया।

WD| पुनः संशोधित बुधवार, 12 जून 2013 (12:04 IST)
चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम ने अपने पहले दो मैचो जीतकर सेमीफाइनल में जगह बना ली और इसमें सलामी बल्लेबाजों का अहम योगदान रहा। भारत ने इस टूर्नामेंट में और रोहित शर्मा के रूप में नई सलामी जोड़ी आज़मायी और इन दोनों ने क्या खूब प्रदर्शन किया।
लेकिन सवाल यह है कि इंग्लैंड जैसे चुनौतीपूर्ण विकेटों पर रन बनाने के बाद भी अगर रोहित को फिर से मध्यक्रम में खेलने को कहा गया तो क्या होगा? क्या रोहित तब भी वनडे में भारत के लिए सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाएंगे जबकि टीम में गौतम गंभीर या अजिंक्य रहाणे जैसे विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज आ जाएंगे या फिर वह होगा जो सौरव गांगुली ने वीरेंद्र सहवाग के साथ किया था और उन्हें मध्यक्रम से निकालकर सलामी बल्लेबाज की भूमिका दे दी थी, जहां सहवाग ने विश्व कीर्तिमान की झड़ी लगा दी थी। क्या रोहित उसी राह पर हैं?



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