ईरानी ट्रॉफी में सुरेश रैना का शतक

मुंबई| भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2013 (19:34 IST)
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टेस्ट टीम में वापसी के लिए बेताब सुरेश रैना ने यहां 134 रन की जोरदार पारी खेली जिससे ने ईरानी ट्रॉफी क्रिकेट मैच में रणजी चैंपियन के खिलाफ 526 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।


मुंबई ने भी शुरुआती झटकों से उबरकर दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक दो विकेट पर 155 रन बनाए हैं। सलामी बल्लेबाज वसीम जाफर (80) दिन का खेल समाप्त होने से कुछ देर पहले पैवेलियन लौटे।

ऑस्ट्रेलियाई श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में जगह के अन्य दावेदार अजिंक्य रहाणे 55 रन बनाकर खेल रहे हैं। उनके साथ दूसरे छोर पर खड़े नाइटवाचमैन श्रदुल ठाकुर ने चार रन बनाए हैं।

वानखेड़े स्टेडियम में सचिन तेंडुलकर की बल्लेबाजी का इंतजार कर रहे दर्शकों को सुबह रैना के आकर्षण और विश्वसनीय शाट देखने को मिले।


बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने दबदबे वाली पारी खेलकर भारतीय टेस्ट टीम में वापसी के लिए अपना दावा मजबूत किया। उन्होंने अपनी पारी में 169 गेंदों का सामना किया तथा 14 चौके और पांच छक्के लगाए। रैना को इस बीच अभिमन्यु मिथुन के रूप में अच्छा साथी मिला।
इन दोनों ने सातवें विकेट के लिए 153 रन की साझेदारी की। मिथुन ने 90 गेंदों पर नौ चौकों और एक छक्के की मदद से 51 रन बनाए। यह साझेदारी टूटने के बाद शेष भारत की पारी सिमटने में देर नहीं लगी। उसने अपने अंतिम चार विकेट 21 रन के अंदर गंवाए।

मुंबई की तरफ से अंकित चव्हाण सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 56 रन देकर तीन विकेट लिए। कप्तान अभिषेक नायर और धवल कुलकर्णी ने दो-दो विकेट हासिल किए।
जाफर और रहाणे ने दूसरे विकेट के लिए 132 रन की साझेदारी की। इस बीच हरभजन, प्रज्ञान ओझा और एस श्रीसंथ में से कोई भी गेंदबाज प्रभाव नहीं छोड़ पाया। ओझा पर तो जाफर ने लांग ऑन पर छक्का भी लगाया।

जाफर जिस तरह से खेल रहे थे, उससे लग रहा था कि वह लंबी पारी खेलने में सफल रहेंगे लेकिन दिन के अंतिम क्षणों में उन्होंने श्रीसंत को अपना विकेट इनाम में दिया। श्रीसंत की बाहर जाती गेंद पर जाफर ने आखिरी क्षणों में बल्ला अड़ाने का फैसला किया।
गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर विकेटकीपर अंबाती रायुडु के दस्तानों में चली गई। जाफर ने 126 गेंद खेली तथा 11 चौके और एक छक्का लगाया। रहाणे अभी दूसरे छोर पर डटे हुए हैं। उन्होंने अब तक 108 गेंदों का सामना करके आठ चौके लगाये हैं।

इससे पहले शेष भारत ने अपनी पारी पांच विकेट पर 330 रन से आगे बढ़ाई। रैना तब 36 रन पर खेल रहे थे। उनके साथ सुबह पारी शुरू करने वाले हरभजन (16) अधिक देर नहीं टिक पाए और तीन चौके जड़ने के बाद पैवेलियन लौट गए।
रैना ने सुबह शुरू में सतर्कता बरती और बाद में अपने हाथ खोले। कल विकेट लेने वाले रोहित शर्मा ने जब गेंद संभाली तो रैना ने तीन चौकों से उनका स्वागत किया। उन्होंने स्पिनर विशाल दाभोलकर को विशेष निशाने पर रखा तथा उन पर तीन छक्के लगाए।

दूसरे छोर से मिथुन ने भी गेंद को सीमा रेखा पार भेजने से परहेज नहीं की। अंकित चव्हाण ने मिथुन को आउट करके यह साझेदारी तोड़ी। इसके बाद उन्होंने रैना की पारी का भी अंत किया। रैना ने इससे पहली गेंद मिडविकेट पर छह रन के लिए भेजी थी।
अगली गेंद को भी यही सबक सिखाने के प्रयास में उन्होंने लांग आन पर हवा में लहराता हुआ कैच थमा दिया। चव्हाण ने पांडे (13) को आउट करके शेष भारत की पारी का अंत किया। (भाषा)



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