भारतीय टीम को ऑस्ट्रेलियाई मीडिया की सलाह

सिडनी| भाषा|
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ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने दूसरे टेस्ट में भारत की पारी की शिकस्त के बाद शनिवार को मेहमान टीम के बल्लेबाजी क्रम को लेकर बनी हाइप को लेकर वास्तविकता को समझने का सुझाव देते हुए कहा कि टीम इंडिया को मंथन करना होगा कि क्या उम्रदराज स्टार खिलाड़ी टीम के लिए अब भी योगदान दे सकते हैं।


कागजों पर मजबूत दिखने वाला भारत का बल्लेबाजी क्रम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट की मौजूदा श्रृंखला के पहले दो टेस्ट में ध्वस्त हो गया और स्थानीय मीडिया ने सवाला दागा है कि क्या उम्रदराज स्टार खिलाड़ी क्या अब भी टीम के लिए फायदेमंद हैं।

ऑस्ट्रेलियन एसोसिएटेड प्रेस ने कहा, ‘‘कागज पर भारत का बल्लेबाजी क्रम टेस्ट क्रिकेट में अब तक के सबसे मजबूत बल्लेबाजी क्रम में से एक है लेकिन वास्तव में आयु अनुभव पर हावी होने लगी है।’’ इसने लिखा, ‘‘द्रविड़ और तेंडुलकर 39 बरस के करीब हैं जबकि लक्ष्मण 37 बरस के हैं और इंग्लैंड में 0-4 से वाइटवॉश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 0-2 से पिछड़ना दिखाता है कि काफी कुछ गलत है।

चैम्पियन खिलाड़ियों को कमतर आंकना हमेशा खतरनाक होता है कि लेकिन भारत के बिग थ्री के अलावा वीरेंद्र सहवाग और एमएस धोनी ने हाल के महीनों में अपनी क्षमता का सिर्फ कुछ हिस्सा ही दिखाया है।’’


समाचार पत्र ने लिखा है कि हाल में टेस्ट क्रिकेट में भारत का नंबर एक बनना अनुभवी लेकिन उम्रदराज खिलाड़ियों के बीच लंबी साझेदारी का नतीजा था लेकिन इंग्लैंड ने उन्होंने शीर्ष रैंकिंग से हटा दिया। इसने लिखा है, ‘‘भारत दुनिया की नंबर एक टीम बनी थी क्योंकि उसके स्टार खिलाड़ी एक साथ अच्छा प्रदर्शन करते थे और बड़ी साझेदारी निभाकर विरोधी टीमों को अपनी बल्लेबाजी के दम पर घुटने टेकने को मजबूत कर देते थे। फिलहाल ऐसा नहीं हो रहा है और सवाल यह उठता है कि क्या उनके उम्रदराज नायक इस स्थिति में हैं कि उन्हें दोबारा विश्व रैंकिंग के शीर्ष पर पहुंचा दें।’’
‘द ऑस्ट्रेलियन’ ने तेंडुलकर के ऑस्ट्रेलिया के कप्तान माइकल क्लार्क की बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी का शिकार बनने को केंद्र बनाया है जिसके बाद दूसरी पारी में भारत का बल्लेबाजी क्रम ढह गया था और टीम को पारी और 68 रन से शिकस्त का सामना करना पड़ा था।

‘हेराल्ड सन’ ने भारत की बल्लेबाजी को ध्वस्त करके दूसरा टेस्ट भी चार दिन के अंदर जीतने के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम की तारीफ की है। समाचार पत्र ने लिखा, ‘‘दो हफ्तों में दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया ने दुनिया के सबसे मजबूत बल्लेबाजी क्रम को झकझोरकर चार दिन के अंदर मैच जीत लिया।’’
इस बीच माइकल क्लार्क नाबाद 329 रन की पारी और दूसरी पारी में तेंडुलकर का विकेट हासिल करने के लिए स्थानीय मीडिया में छाए रहे। (भाषा)



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