दक्षिण अफ्रीका में होगी कब्जे की जंग

दुबई (भाषा)| भाषा|
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(आईसीसी) के अध्यक्ष डेविड मोर्गन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी हारून लोर्गट ने आज चैम्पियनशिप मेस को अपने अधिकार में ले लिया, जो दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच नंबर एक की कुर्सी की अंतिम जंग की उलटी गिनती शुरू होने का संकेत है।


ऑस्ट्रेलिया को इसी महीने दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी में टेस्ट सिरीज खेलनी है। यह मेस टेस्ट क्रिकेट का सबसे बड़ा पुरस्कार है और तीन मैचों की सिरीज का विजेता आईसीसी रैंकिंग में पहले स्थान के साथ इस पर कब्जा जमाने के साथ 175000 डॉलर की राशि भी अपने नाम करेगा। इसके साथ विजेता टीम को दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीम कहलाने का अधिकार भी मिलेगा।
आईसीसी 16 फरवरी को ऑस्ट्रेलिया के दक्षिण अफ्रीका पहुँचने के दिन इस मेस को वहाँ ले जाएगा और इसका इस्तेमाल आगामी सिरीज और टेस्ट क्रिकेट के प्रचार के लिए किया जाएगा।


जोहान्सबर्ग में 26 फरवरी को टेस्ट मैच के साथ सिरीज की शुरुआत को बेताब लोर्गट ने उम्मीद जताई कि यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के काफी रोमांचक समय होगा।

उन्होंने कहा यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए बेहतरीन समय है और यह सिरीज लोगों को यह याद दिलाने का एक और मौका है कि टेस्ट क्रिकेट इतना विशेष क्यों है।

लोर्गट ने कहा ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच रिलायंस मोबाइल आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप तालिका के शीर्ष पर पहुँचने के लिए करीबी जंग है भारत भी काफी पीछे नहीं है और श्रीलंका और इंग्लैंड की भी अच्छी दावेदारी है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में आपने बेहतरीन टेस्ट क्रिकेट देखा है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया का भारत दौरा इंग्लैंड का भारत दौरा दक्षिण अफ्रीका का आस्ट्रेलिया दौरा शामिल है और अब आस्ट्रेलिया के दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भी यही देखने को मिलेगा।

आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप मेस को मई 2001 में शीर्ष टेस्ट टीम के लिए बनाया गया था और जनवरी से मई 2003 के बीच पांच महीनों के अलावा यह हमेशा आस्ट्रेलिया के पास रही। दक्षिण अफ्रीका ने पाँच महीने के लिए इसे अपने पास रखा और ग्रीम स्मिथ की टीम के पास एक बार फिर इसे ऑस्ट्रेलिया से छीनने का मौका है।
इस मेस को एस्प्रे और गेरार्ड ने तैयार किया है, जिन्हें एक ऐसी ट्रॉफी तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी, जो अन्य क्रिकेट ट्रॉफियों से अलग हो।

यह मेस 90 सेंटीमीटर की चाँदी और स्वर्ण प्लेटेड ट्रॉफी है जो क्रिकेट स्टंप पर आधारित है। इस पर एक गोलाकार आकृति है, जिस पर विश्व क्रिकेट को भौगोलिक तौर पर दर्शाने के अलावा टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले आईसीसी के 10 पूर्णकालिक सदस्यों के प्रतीक चिन्हों के रूप में भी दर्शाया गया है।
यह स्टंप और गोलाकार आकृति मिलकर मेस बनाती है, जिसे प्रभुत्व और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है। टेस्ट क्रिकेट के गौरवशाली इतिहास को देखते हुए इसे उपयुक्त संयोजन माना गया है। इसे लकड़ी के आधार पर रखा गया गया और दोनों हिस्सों पर इसे पकड़ने की जगह है। वर्ष 2001 में इसकी कीमत 30 हजार डॉलर थी।



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