वेस्टइंडीज 'ए' ने कसा भारत 'ए' पर शिकंजा

मैसूर| भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 27 सितम्बर 2013 (20:05 IST)
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मैसूर। बाएं हाथ के स्पिनर वीरासामी पेरामल और निकिता मिलर की शानदार गेंदबाजी से पहली पारी में 184 रन की बढ़त हासिल करने वाले ए ने शुक्रवार को यहां दूसरी पारी में भी अच्छी शुरुआत करके के खिलाफ पहले अनधिकृत टेस्ट मैच पर शिकंजा कस दिया।

युवा मनप्रीत जुनेजा को छोड़कर भारत ए का कोई भी बल्लेबाज स्पिनरों का डटकर सामना नहीं कर पाया और उसकी पूरी टीम पहली पारी में 245 रन पर ढेर हो गई। जुनेजा ने सर्वाधिक 84 रन बनाए। भारतीय टीम ने आखिरी सात विकेट 61 रन के अंदर गंवाए।

पेरामल ने 85 रन देकर पांच और मिलर ने 61 रन देकर चार विकेट लिए। पहली पारी में 429 रन बनाने वाले वेस्टइंडीज ने कीरेन पावेल (68) के अर्धशतक की मदद से तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक अपनी दूसरी पारी में तीन विकेट पर 130 रन बनाए हैं और उसकी कुल बढ़त 314 रन हो गई है।
कल मैच का आखिरी दिन है। पहली पारी में पांच विकेट लेने वाले ऑफ स्पिनर परवेज रसूल ने आखिरी क्षणों में दो विकेट लेकर भारतीय खेमे में थोड़ी खुशी लौटाई। उन्होंने सलामी बल्लेबाज क्रेग ब्रेथवेट (34) को पगबाधा और नरसिंह देवनारायण (9) को बोल्ड किया। इसके बाद दिन का खेल समाप्त कर दिया। उस समय कप्तान किर्क एडवर्डस नौ रन बनाकर खेल रहे थे।
पावेल और ब्रेथवेट ने पहले विकेट के लिए 112 रन जोड़कर वेस्टइंडीज ए को दूसरी पारी में मजबूत शुरुआत दिलाई। रजत पालीवाल ने अपनी ही गेंद पर पावेल का कैच लेकर यह साझेदारी तोड़ी।

इससे पहले भारत ए ने सुबह अपनी पारी में तीन विकेट पर 124 रन से आगे बढ़ाई। जुनेजा ने 47 रन से आगे खेलते हुए जल्द ही अपना अर्धशतक पूरा किया, लेकिन पेरामल ने उन्हें पगबाधा आउट करके भारतीय पारी के पतन की कहानी शुरू कर दी। जुनेजा ने अपनी पारी में 151 गेंद खेली तथा 11 चौके लगाए। पालीवाल (1) और कल के दूसरे अविजित बल्लेबाज हर्षद खादीवाले (27) को जुनेजा के पीछे पैवेलियन चले गए।
इसके बाद भारत के निचले क्रम के बल्लेबाज पेरामल और मिलर की स्पिन के सामने अधिक देर तक नहीं टिक पाए। रोहित मोटवानी (नाबाद 28) ने एक छोर संभाले रखा, लेकिन दूसरे छोर से उन्हें सहयोग देने के लिए कोई नहीं बचा था। वेस्टइंडीज ए अब कल जल्दी पारी समाप्त घोषित कर सकता है।

भारत ए के लिए बड़ा लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होगा, क्योंकि पिच टूट गई और तीसरे दिन से ही स्पिनरों को उससे काफी मदद मिल रही है। भारत ए अब मैच बचाने की कोशिश करेगा और उसके कप्तान चेतेश्वर पुजारा को इसमें अहम भूमिका निभानी होगी। (भाषा)



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