सुपरकिंग्स और रॉयल्स प्रबंधन की भी जांच करेगा आयोग

भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 31 मई 2013 (18:06 IST)
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बेंगलुरु। आईपीएल-6 में और सट्टेबाजी के आरोपों की जांच के लिए द्वारा गठित 3 सदस्यीय गुरुनाथ मयप्पन और चेन्नई सुपरकिंग्स तथा राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी के मालिकों की भूमिका की जांच करेगा।


आयोग के एक सदस्य न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जयराम चौटा ने यहां कहा कि मयप्पन के खिलाफ शिकायतों पर गौर करने के अलावा हम चेन्नई सुपरकिंग्स और राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजियों के मालिक इंडिया सीमेंट्स और जयपुर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ शिकायतों पर भी गौर करेंगे।

जांच के केंद्र के बारे में पूछने पर न्यायमूर्ति चौटा ने कहा कि यह शिकायत पर निर्भर करेगा जो पैनल को अब तक नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि पैनल का अध्यक्ष नामित होने के बाद उसके और बीसीसीआई के बीच पत्राचार होगा।

क्रिकेट संस्था इसके बाद अध्यक्ष को शिकायत (की प्रति) भेजेगी। न्यायमूर्ति चौटा ने कहा कि जांच पूरी होने के लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है, क्योंकि यह जांच के दायरे पर निर्भर करेगा।


उन्होंने कहा कि आयोग बीसीसीआई अध्यक्ष एन. श्रीनिवासन को अपना पद छोड़ने के लिए नहीं कहेगा। उन्होंने कहा कि हम उन्हें अपना पद छोड़ने के लिए नहीं कह सकते। यह उन पर निर्भर करता है। आयोग उन्हें पद छोड़ने के लिए नहीं कह सकता।
न्यायमूर्ति चौटा ने एक बार फिर बीसीसीआई प्रमुख की ओर से किसी तरह के हस्तक्षेप से इंकार किया और कहा कि कोई भी उनकी जांच को प्रभावित नहीं कर सकता। बीसीसीआई ने श्रीनिवासन के दामाद मयप्पन के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए 3 सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया था जिसमें उच्च न्यायालय के दो सेवानिवृत्त न्यायाधीश भी शामिल हैं। मयप्पन को हाल में संपन्न इंडियन प्रीमियर लीग के मैचों में सट्टेबाजी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है।
न्यायमूर्ति चौटा मद्रास उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश आर. बालासुब्रमण्यन के अलावा बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले आयोग के सदस्य हैं। आयोग राजस्थान रॉयल्स के 3 खिलाड़ियों के खिलाफ भी आरोपों की जांच करेगा जिन्हें स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। (भाषा)



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