ढाँचागत परियोजनाओं में देरी से चिंतित हैं राष्ट्रपति

सटीक लेखापरीक्षा की जरूरत: प्रतिभा

नई दिल्ली| भाषा|
राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल ने ढाँचागत क्षेत्र की परियोजनाओं में होने वाली देरी को चिंता का विषय बताते हुए आज कहा कि सार्वजनिक एवं निजी भागीदारी के तहत तैयार होने वाली ऐसी परियोजनाओं की लेखापरीक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण की जरूरत है।

कैग की 150वीं वर्षगाँठ पर राष्ट्रपति ने कहा कि सामाजिक न्याय और समानता के उद्देश्य को पाने के लिए यह जरूरी है कि लेखापरीक्षक सामाजिक कल्याण की योजनाओं पर ज्यादा गौर करें। उन्होंने कहा कि सरकार सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र की अनेक परियोजनाओं को निजी क्षेत्र के साथ मिलकर चला रही है, विशेषकर ढाँचागत क्षेत्र की परियोजनाओं को सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की मिली-जुली भागीदारी के तहत तैयार किया जा रहा है। इस क्षेत्र में सार्वजनिक व्यय के सही इस्तेमाल के सवाल पर कैग को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

राष्ट्रपति ने कहा कि ढाँचागत परियोजनाओं में देरी चिंता का विषय है, ये परियोजनाएँ कई बार लंबे समय तक अधूरी लटकी रहती हैं जिससे राष्ट्र को इनका पूरा लाभ नहीं मिल पाता है, इसलिए यह जरूरी है कि इनका सही आकलन होना चाहिए कि क्या ऐसी परियोजनाएँ राष्ट्रहित में हैं।

इन परियोजनाओं की सटीक लेखापरीक्षा अभी भी दूर की कौड़ी बना हुआ है, इसलिए लेखापरीक्षकों को पीपीपी परियोजनाओं की लेखापरीक्षा के लिए बेहतर प्रशिक्षण की जरूरत है। (भाषा)



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