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बारिश आई
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नीरज जोशी 'प्रयत्न' छम-छम करता आया पानी ,झर-झर करता बहता पानी ।बिजली चमकी बादल गरजे ,भीगने को चुन्नू तरसे ।मम्मी-पापा ने डाँट लगाई ,चुन्नू को अब आई रुलाई ।प्रकृति की लीला है छाई ,चारों ओर हरियाली है आई ।गली में पानी बह निकला ,बच्चों का टोला मचल उठा ।अब तो आया नाव का मौसम ,माझी और पतवार का मौसम ।नाव चली भाई नाव चली ,रिंकू भैया की नाव चली ।कभी डूबती कभी अटकती ,कभी सरकती नाव चली ।हौले-हौले नाव चलाओ ,वर्ना जल्दी में पछताओ ।आओ बारिश के मौसम में ,नाचें-कूदें हँसें हँसाएँ ।सब बच्चों के साथ बैठकर,झूमें गाएँ पढ़ें पढ़ाएँ ।