संगीत से पढ़ सकते हैं दिमाग

वॉशिंगटन| ND| Last Updated: बुधवार, 9 जुलाई 2014 (19:50 IST)
संगीत बता सकता है कि किस तरह से आदमी का दिमाग काम करता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जाज के संगीतकार इसे आसानी से पकड़ सकते हैं।

जाज के प्रशंसकों के लिए यह भले ही रुचि का विषय हो सकता है, लेकिन तंत्रिका विज्ञान की दिशा में यह एक साहसी प्रयोग है। हम कैसे संगीत सुनना प्रारंभ करते हैं और कैसे सुनते हैं, यहाँ तक तो ठीक है, परंतु संवेदनाओं के प्रति सतर्कता आपकी स्मरण शक्ति में होती है और इसकी वजह से दिमागी अस्वस्थता का उपचार किया जा सकता है।

इसीलिए रचनात्मकता या सृजनात्मकता इसलिए मायने रखती है। सैक्साफोनिस्ट से श्रवण विशेषज्ञ बने हॉ. चार्ल्स लिंब का कहना है कि जाज में किए गए सुधार से यह एकदम स्पष्ट हो गया है कि संगीत यह पकड़ सकता है कि दिमाग किस तरह से काम कर रहा है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि दिमाग और जाज को एमआरआई स्कैनर के जरिए देखा जा सकता है। इस शोध का एक लाभ यह हो सकता है कि संगीत का उपयोग पार्किंसंस के मरीजों के लिए किया जा सकता है। (नईदुनिया)



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