मेहसूद के ठिकानों पर अमेरिकी ड्रोन हमला

इस्लामाबाद (भाषा)| भाषा| पुनः संशोधित बुधवार, 1 अप्रैल 2009 (23:02 IST)
कमांडर बैतुल्ला मेहसूद से जुड़े उग्रवादियों के छिपे होने के ठिकानों पर अमेरिका के चालक रहित विमान (ड्रोन) के दो मिसाइलें दागने से 12 उग्रवादी मारे गए और 15 अन्य घायल हो गए।


इस हमले से एक दिन पहले ही मेहसूद ने अमेरिका के खिलाफ चौंका देने वाले हमले करने की धमकी दी थी। अधिकारियों ने कहा कि मिसाइलें औराकजई कबाइली एजेंसी स्थित एक घर पर निशाना बनाकर दागी गईं।

पाकिस्तानी तालिबान और अलकायदा के उग्रवादी की सीमा से सटे इस क्षेत्र का इस्तेमाल प्रशिक्षण केन्द्र के तौर पर करते हैं। मेहसूद के एक करीबी सहयोगी सहित 12 उग्रवादी इस हमले में मारे गए।

मेहसूद ने लाहौर में पुलिस प्रशिक्षण केंद्र पर हाल ही में हुए हमले की कल जिम्मेदारी ली और यह भी धमकी दी कि जब तक कबाइली क्षेत्रों से अपनी फौज नहीं हटाता और पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत में अमेरिका के ड्रोन हमलों पर रोक नहीं लगाता तब तक ऐसे और हमले होते रहेंगे। अधिकारियों ने कहा माना जा रहा है कि मारे गए लोगों में कुछ विदेशी उग्रवादी भी थे।

पाकिस्तान में उग्रवादियों के संदर्भ में विदेशी शब्द का इस्तेमाल अलकायदा के अरब या अन्य देशों से आने वाले आतंकवादियों के लिए किया जाता है।

ड्रोन हमलों के बाद तालिबान के उग्रवादियों ने क्षेत्र की घेराबंदी कर ली और स्थानीय लोगों तथा अधिकारियों को घटनास्थल पर जाने नहीं दिया। तालिबान से जुड़े कुछ सदस्यों ने मीडियाकर्मियों से कहा कि जिस घर पर हमला हुआ उसमें मारे गए लोगों में 10 मेहमान भी थे। छह शव तथा 15 घायलों को स्थानीय अस्पताल भेजा गया है।
यह औराकजाई क्षेत्र में हुआ पहला मिसाइल हमला है। अमेरिकी और पाकिस्तानी अधिकारियों को संदेह है कि इस क्षेत्र में तालिबान और अलकायदा के कई उग्रवादी छिपे हुए हैं।

गौरतलब है कि अगस्त 2008 के बाद से हुए इस तरह के 35 मिसाइल हमलों में 350 से अधिक लोग मारे गए जिनमें से अधिकतर आतंकवादी थे। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने गत सप्ताह घोषणा की कि अफगानिस्तान से सटी पाकिस्तान की सीमा सबसे खतरनाक क्षेत्र है।



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