तरुण सागर जी के कड़वे प्रवचन

क्रांतिकारी राष्ट्रसंत मुनिश्री तरूणसागरजी के कड़वे प्रवचन

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* गुलाब कांटों में भी मुस्कुराता है। तुम भी प्रतिकूलता में मुस्कुराओ, तो लोग तुमसे गुलाब की तरह प्रेम करेंगे। याद रखना कि जिंदा आदमी ही मुस्कुराएगा, मुर्दा कभी नहीं मुस्कुराता और कुत्ता चाहे तो भी मुस्कुरा नहीं सकता, हंसना तो सिर्फ मनुष्य के भाग्य में ही है। इसीलिए जीवन में सुख आए तो हंस लेना, लेकिन दुख आए तो हंसी में उड़ा देना।
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