आज के मुहूर्त (29.7.2010)
गुरुवार, 29 जुलाई 2010
आज आपका दिन मंगलमयी रहे यही शुभकामना है। वेबदुनिया प्रस्तुत कर रही है खास आपके लिए आज के दिन के विशिष्ट मुहूर्त। अगर आप आज वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं या आज कोई नया व्यापार आरंभ करने जा रहे हैं तो आज के शुभ मुहूर्त में ही कार्य करें ताकि आपके कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त
शुभ विक्रम संवत- 2067, शालिवाहन शक संवत- 1932, संवत्सर का नाम- शोभन, अयन- दक्षिणायन, ऋतु- वर्षा, मास- श्रावण, पक्ष- कृष्ण, तिथि- तृतीया दिन 2.05 पश्चात चतुर्थी, हिजरी सन्- 1431, मु. मास- शाबान, तारीख- 16, नक्षत्र- शतभिषा सायं 5.23 पश्चात पूर्वाभाद्रपदा, योग- शोभन रात्रि 26.06 पश्चात अतिगण्ड। सूर्योदयकालीन करण- बव। चंद्रमा- कुंभ राशि में रहेंगे।
ग्रह योग- 1. पंचक जारी है। 2. चन्द्रोदय रात्रि 8.57 मि. पर होंगे।
दिन- सामान्य।
मुहूर्त- शिक्षादि कार्य का मुहूर्त।
दिन का पर्व- मास संकष्ट चतुर्थी; चतुर्थी व्रत।
दिशाशूल- दक्षिण दिशा में।
कार्य की अनुकूलता के लिए- राई दिवसपर्यंत साथ रखें।
उपयोगी ज्ञान- अपने कुल गौत्र या शर्नाम (सरनेम) को गलत बताने से पाप लगता है अतः इसे त्यागना चाहिए।
शुभ समय- सायं 4.26-7.14।
सुझाव- आवश्यक न समझें तो दिन में 2.11 से 3.50 के मध्य महत्वपूर्ण कार्य न करें।
ज्योतिष एवं धर्म की दृष्टि से इन मुहूर्त का विशेष महत्व है। मुहूर्त और चौघड़िए के आधार पर वेबदुनिया आपके लिए प्रतिदिन के खास मुहूर्त की सौगात लेकर आई है।
प्रस्तुत है आज के मुहूर्त
शुभ विक्रम संवत- 2067, शालिवाहन शक संवत- 1932, संवत्सर का नाम- शोभन, अयन- दक्षिणायन, ऋतु- वर्षा, मास- श्रावण, पक्ष- कृष्ण, तिथि- तृतीया दिन 2.05 पश्चात चतुर्थी, हिजरी सन्- 1431, मु. मास- शाबान, तारीख- 16, नक्षत्र- शतभिषा सायं 5.23 पश्चात पूर्वाभाद्रपदा, योग- शोभन रात्रि 26.06 पश्चात अतिगण्ड। सूर्योदयकालीन करण- बव। चंद्रमा- कुंभ राशि में रहेंगे।
ग्रह योग- 1. पंचक जारी है। 2. चन्द्रोदय रात्रि 8.57 मि. पर होंगे।
दिन- सामान्य।
मुहूर्त- शिक्षादि कार्य का मुहूर्त।
दिन का पर्व- मास संकष्ट चतुर्थी; चतुर्थी व्रत।
दिशाशूल- दक्षिण दिशा में।
कार्य की अनुकूलता के लिए- राई दिवसपर्यंत साथ रखें।
उपयोगी ज्ञान- अपने कुल गौत्र या शर्नाम (सरनेम) को गलत बताने से पाप लगता है अतः इसे त्यागना चाहिए।
शुभ समय- सायं 4.26-7.14।
सुझाव- आवश्यक न समझें तो दिन में 2.11 से 3.50 के मध्य महत्वपूर्ण कार्य न करें।

