अकबर-बीरबल के रोचक और मजेदार किस्से : ईश्वर अच्छा ही करता है

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बीरबल मुस्कराता हुआ बोला- ठीक है जहांपनाह, समय ही बताएगा अब।

तीन महीने बीत चुके थे। वह दरबारी, जिसकी उंगली कट गई थी, घने जंगल में शिकार खेलने निकला हुआ था। एक हिरण का पीछा करते वह भटक कर आदिवासियों के हाथों में जा पड़ा।

वे आदिवासी अपने देवता को प्रसन्न करने के लिए मानव बलि में विश्वास रखते थे। अतः वे उस दरबारी को पकड़ कर मंदिर में ले गए, बलि चढ़ाने के लिए। लेकिन जब पुजारी ने उसके शरीर का निरीक्षण किया तो हाथ की एक उंगली कम पाई।
WD| Last Updated: गुरुवार, 28 अगस्त 2014 (14:08 IST)

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