dharma sangrah
✕

चित्रगुप्त महाराज की आरती

Updated: बुधवार, 18 अक्टूबर 2017 (13:18 IST)
* आरती श्री चित्रगुप्त महाराज की
 
श्री विरंचि कुलभूषण, यमपुर के धामी।
पुण्य पाप के लेखक, चित्रगुप्त स्वामी॥
 
सीस मुकुट, कानों में कुण्डल अति सोहे।
श्यामवर्ण शशि सा मुख, सबके मन मोहे॥
 
भाल तिलक से भूषित, लोचन सुविशाला।
शंख सरीखी गरदन, गले में मणिमाला॥
 
अर्ध शरीर जनेऊ, लंबी भुजा छाजै।
कमल दवात हाथ में, पादुक परा भ्राजे॥
 
नृप सौदास अनर्थी, था अति बलवाला।
आपकी कृपा द्वारा, सुरपुर पग धारा॥
 
भक्ति भाव से यह आरती जो कोई गावे।
मनवांछित फल पाकर सद्गति पावे॥
 

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

शुक्र की वक्री चाल 2026: 12 राशियों पर क्या पड़ेगा असर? जानें किसकी बढ़ेगी मुश्किल और किसे मिलेगा लाभ

सूर्य और शनि का समसप्तक योग, 12 राशियों पर पड़ेगा असर; जानें किसे लाभ और किसे नुकसान

16 shradh paksha 2026: श्राद्ध पक्ष में दशमी के श्राद्ध का महत्व, जानिए कैसे और किसका करते हैं श्राद्ध

शनि का उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश, 9 अक्टूबर से 12 राशियों पर होगा असर, जानें मेष से मीन तक का हाल

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (03 अक्‍टूबर, 2026)

अगला लेख