sundarkand
✕

भगवान परशुराम की जयंती : आज अवश्य करें परशुराम स्तवन का पाठ

Updated: मंगलवार, 3 मई 2022 (13:21 IST)
भगवान परशुराम की सेवा-साधना करने वाले भक्त को उनका आशीर्वाद अवश्य ही मिलता है। परशुराम जयंती के दिन उनका यह स्तवन का पाठ अवश्य करना चाहिए। आइए पढ़ें...
 
।।परशुराम स्तवन।।
 
जय परशुराम ललाम करूणाधाम दुखहर सुखकरं।
जय रेणुका नंदन सहस्त्रार्जुन निकंदन भृगुवरं॥
जय परशुराम...
जमदग्नि सुत बल बुद्घियुक्त, गुण ज्ञान शील सुधाकरं।
भृगुवंश चंदन,जगत वंदन, शौर्य तेज दिवाकरं॥
शोभित जटा, अद्भुत छटा, गल सूत्र माला सुंदरम्‌ ।
शिव परशु कर, भुज चाप शर, मद मोह माया तमहरं॥
जय परशुराम...
 
क्षत्रिय कुलान्तक, मातृजीवक मातृहा पितुवचधरं।
जय जगतकर्ता जगतभर्ता जगत हर जगदीश्वरं॥
जय क्रोधवीर, अधीर, जय रणधीर अरिबल मद हरं।
जय धर्म रक्षक, दुष्टघातक साधु संत अभयंकरं॥
जय परशुराम...
नित सत्यचित आनंद-कंद मुकुंद संतत शुभकरं।
जय निर्विकार अपार गुण आगार महिमा विस्तरं॥
अज अंतहीन प्रवीन आरत दीन हितकारी परं।
जय मोक्ष दाता, वर प्रदाता, सर्व विधि मंगलकरं॥
जय परशुराम...।

ALSO READ: भगवान परशुराम के जीवन से जुड़ें पौराणिक किस्से, यहां पढ़ें

ALSO READ: Parashurama jayanti 2021: परशुराम जी के बारे में 10 अनसुने राज
 

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

चारधाम यात्रा: अटूट आस्था, VIP संस्कृति और व्यवस्थाओं की अग्निपरीक्षा

मंगल और शनि का त्रिकोण दृष्टि योग, 5 राशियों के लिए पराक्रम दिखाने का समय

शारदीय नवरात्रि 2026: मां कालरात्रि की पूजा विधि, मंत्र, आरती और पौराणिक कथा जानें

विजयादशमी का महाउपाय: 100 रुपए की इस एक दिव्य वस्तु से चमक जाएगी आपकी किस्मत

शारदीय नवरात्रि: व्रत पारण की तिथियाँ एवं सही नियम