dharma sangrah

श्री गणेशजी की स्वरचित आरती

Updated: बुधवार, 31 अगस्त 2016 (14:41 IST)
मनावर जिला धार (मप्र) के वरिष्ठ कवि शिवदत्तजी 'प्राण' ने लगभग 60 वर्ष पूर्व गणेशजी की स्वरचित आरती लिखी थी, जो पूरे मनावर एवं आसपास के क्षेत्रों में संगीत के साथ आज भी गाई जाती है -
 

 
आरती गजाननजी की, पार्वती नंदन शिवसुत की। 
गले में मोतीन की माला, साथ है ऋद्धि-सिद्धि बाला। 
वहां को मूषक है काला, शीश पर मुकुट चन्द्र वाला। 
चलो हम दर्शन को जावें, पूजा की वस्तु को भी लावें। 
पूजन कर साथ 2 नमाऊं माथ, 2 जोड़कर हाथ 2।
कहो जय गोरी नंदन की, पार्वती नंदन शिवसुत की।
आरती गजाननजी की...
 
हाथ में अंकुश और फरसा, विनय कर सब जगधरी आशा। 
करेंगे प्रभु सब दु:ख को नाशा, कृपा करी पूरन हो आशा। 
कि सुनकर उत्सव गणपति को, के सुर नर दौड़े दर्शन को। 
जावें सब साथ 2 पुष्प ले हाथ 2, दृष्टि करी माथ 2। 
कहो जय-जय जय गणपतिजी की, पार्वतीनंदन शिवसुत की। 
आरती गजाननजी की...
 
केशव सुत शरण है चरण में, मंडली बाल समान संग में। 
विनय कर दीन-हीन स्वर में, सुखी रखो जनता को जग में। 
भारत मां के हैं हम सब लाल, चिरायु करो इन्हें गनराज। 
विनय के साथ 2 नमाऊं माथ, 2 जोड़कर हाथ 2। 
करो इच्छा सेवकों की, पार्वती नंदन शिवसुत की। 
आरती गजाननजी की...
 
- संकलन : संजय वर्मा 'दृष्टि' (मनावर)

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 18 सितंबर 2026: शुक्रवार का पंचांग और शुभ समय

गणेश चतुर्थी 2026: गणपति को पांचवें दिन कौन सा भोग लगाएं, प्रसाद चढ़ाएं

बुधादित्य राजयोग से चमकेगा 4 राशियों का भाग्य! कन्या राशि में बुध-सूर्य की युति से मिलेंगे शुभ संकेत

भविष्य मालिका की भविष्यवाणी: क्या मक्का-मदीना में होगा घोर युद्ध? जानें क्या किया गया है दावा

नरेंद्र मोदी का जन्मदिन 17 सितंबर: जानिए कुंडली में क्या कहते हैं ग्रह-नक्षत्र और भविष्य के संकेत

अगला लेख