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Written By ND

करें योग, रहें निरोग

भोपाल साधना अनुसंधान योग केंद्र
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शरीर, मन और आत्मा हर स्तर पर स्वस्थ रहने के लिए योग तथा आसनों का विशेष महत्व है। इनकी ऐसी कई विधियाँ हैं, जिनका नियमित अभ्यास करके व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ एवं निरोगी बने रह सकता है।

योग साधना अनुसंधान केंद्र एवं डॉ.गांगुली योग विद्यापीठ संस्था के योग शिक्षक पवन गुरु बताते हैं कि सर्दी के मौसम में फिट एवं स्वस्थ रहने के लिए कपालभाती, भस्त्रिका योग, भ्रामरी प्राणायाम एवं आसनों में सूर्य नमस्कार, भुजंग, पवनसुत आदि विशेष रूप से किए जाने चाहिए, इनके नियमित अभ्यास से इस मौसम में पूरी तरह स्वस्थ रहा जा सकता है। पवन गुरु कहते हैं कि परम्परागत दृष्टि से योग शारीरिक, मानसिक तथा आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ जीवन बिताने की कला है।

ब्लड प्रेशर व हृदय रोगी रखें विशेष ध्यान :
योग शिक्षक पवन गुरु के अनुसार ब्लड प्रेशर एवं हृदय रोगियों को सर्दी के सीजन में विशेष ध्यान रखने की जरूरत होती है। उनके अनुसार ऐसे लोगों को सुबह जल्दी सैर करने से बचना चाहिए। साथ ही नियमित लहसुन की दो कली, मैथी दाना एक चम्मच एवं नीबू का सेवन करना चाहिए।

उन्होंने बताया कि ऐसे रोगियों को रात्रि के समय हल्का खाना जैसे मूंग की दाल, लौकी की सब्जी, जौ व देसी चना मिक्स रोटी खाना चाहिए। खड़े होकर सामने की ओर झुकने वाले योग व प्राणायाम नहीं करना चाहिए।

योग-प्राणायाम के लाभ एवं महत्व :
प्राण को अपने वश में करने की प्रक्रिया ही प्राणायाम है। योगासन शरीर के रोगों को दूर करता है। हमारे शरीर में मस्तिष्क, हृदय तथा फेफ़ड़ों का बड़ा महत्व है। योग तथा प्राणायाम शरीर में नई जान डाल देते हैं। इनसे फेफ़ड़े मजबूत होते हैं। योग तथा प्राणायाम हमारे शरीर में भरी हुई गंदी वायु तथा कार्बन गैस को बाहर निकाल शरीर को स्वच्छ बनाते हैं। योग तथा प्राणायाम शरीर में रक्त संचार की वृद्धि कर शरीर को रोगों से लड़ने के अनुरूप बनाते हैं। नियमित योग और प्राणायाम उसे आरोग्य रखते हैं। लंबी और गहरी श्वास शरीर के हर भाग में पहुँचकर ऊर्जा देते हैं।

इन बातों व नियमों का रखें ध्यान :
*प्राणायाम व योग साफ, शुद्ध और शांत स्थान पर करना चाहिए। यदि पार्क में जल के किनारे किया जाए तो बहुत अच्छा है।
*श्वास केवल नाक से ही लें, ताकि साफ और स्वच्छ वायु आपके शरीर में जाए। लंबी-लंबी श्वास लेने का अभ्यास करें।
*सही स्थिति में बैठें, अपना मन शांत रखें।
*भोजन करने के कम से कम तीन घंटे बाद ही योग व प्राणायाम करें।
*आठ साल से कम उम्र के बच्चे योग व प्राणायाम न करें।
*यदि आप किसी बीमारी, व्याधि से ग्रस्त हैं तो योग शिक्षकों से सलाह लेने के बाद ही योग-प्राणायाम करें। सामान्य स्थिति में भी योग शिक्षक की सलाह लेकर ही योग व प्राणायाम करना चाहिए।
*प्राणायम व योग करते समय शरीर को तनाव में न लाएँ, शांत अवस्था में सीधे बैठें तो ज्यादा लाभ मिलेगा।
*यदि योग व प्राणायाम करते समय थकान का अनुभव हो तो लंबी-लंबी श्वांस लें और कुछ देर आराम करें।
*योग व प्राणायाम का समय धीरे-धीरे ब़ढ़ाएं। शुरू में 10 मिनट अभ्यास करें फिर धीरे-धीरे ब़ढ़ाते हुए 30-45 मिनट तक करें।
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