एटीएस ने मेरठ के तुषार को किया गिरफ्तार, आतंकी संगठन से जुड़े होने की बात सामने आई, पिता बोले यदि बेटा दोषी है तो मिले फांसी
नोएडा में उत्तर प्रदेश एटीएस ने एक संदिग्ध आतंकी साजिश का खुलासा करते हुए 2 युवकों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों आरोपी कथित तौर पर सीमा पार बैठे नेटवर्क के संपर्क में थे और सोशल मीडिया के जरिए गतिविधियां संचालित कर रहे थे। इनमें मेरठ का एक युवक भी शामिल है, जिसके बारे में धर्म परिवर्तन और नाम बदलने की बात सामने आई है, जिसकी अब गहन जांच की जा रही है।
मिली जानकारी के मुताबिक यह बात भी सामने आ रही है कि तुषार ने कथित तौर पर धर्म परिवर्तन किया था और अपना नाम बदलकर “हिजबुल्ला अली खान” रख लिया था। एजेंसियां इस पहलू की भी जांच कर रही हैं कि क्या यह बदलाव किसी नेटवर्क या प्रभाव के तहत हुआ।
तुषार के पिता शैलेंद्र चौहान ने बताया कि उनके बेटे का संपर्क एक पाकिस्तानी व्यक्ति से था। उन्होंने कई बार उसे ऐसे लोगों से दूरी बनाने और बातचीत बंद करने की सलाह दी थी। पिता का कहना है कि अगर उनके बेटे ने कोई गलत काम किया है, तो उसे कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी जताया कि संभव है तुषार किसी के प्रभाव में आकर यह सब कर बैठा हो।
वहीं, उसकी मां ऋतु चौहान का कहना है कि तुषार की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उसका इलाज चल रहा है। वहीं उसकी मां कैंसर से ग्रस्त है और उसका रो-रोकर बुरा हाल है, बेटे तुषार के लिए न्याय की गुहार लगा रही है।
जानकारी के मुताबिक, 20 वर्षीय तुषार मेरठ के वैष्णो धाम सोसायटी में अपने परिवार के साथ रह रहा था। परिवार के मुताबिक तुषार को गिरफ्तार करने के लिए आई टीम ने खुद को डिलीवरी मैन बताया और घर का पता पूछा। जैसे ही टीम घर में आई तो उन्होंने सबसे पहले तुषार का मोबाइल फोन जब्त किया।
गिरफ्तारी के समय वह मेरठ स्थित घर में खाना खा रहा था। परिवार को पूछताछ का भरोसा देकर एटीएस की टीम उसे अपने साथ ले गई। परिवार सदमे में है, क्योंकि मीडिया के माध्यम से अवैध असलाह रखने की बात भी सामने आ रही है। वहीं यह बात भी कहीं जा रही है कि वह सोशल मीडिया के जरिए लोगों से संपर्क बना रहा था।
परिजनों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में उसका व्यवहार बदल गया था और वह काफी आक्रामक हो गया था। परिवार का दावा है कि वह पहले भी एक मामले में जेल जा चुका है और फिलहाल जमानत पर था। पिता ने खुलासा किया है कि अगर उसे डांटा जाता था तो वह पुलिस बुला लेता। मोबाइल को हाथ नहीं लगाने देता, बल्कि उसे अपनी प्राइवेट प्रापर्टी बताते हुए माता-पिता को धमकाता था।
मामला उजागर होते ही तुषार के पैतृक गांव रमाला बागपत जिले में भी हड़कंप मच गया है। पैतृक गांव रमाला में रह रहे ताऊ, चाचा और अन्य रिश्तेदारों ने तुषार के परिवार से दूरी होने की बात कहीं है। पिता शैलेंद्र इस मामले की सघन जांच चाहता है, पिता का कहना है कि यदि बेटा दोषी है तो उसे फांसी की सजा मिले। फिलहाल एजेंसियां पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और स्थानीय खुफिया इकाइयां भी सक्रिय हैं।
Edited By : Chetan Gour
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हिमा अग्रवाल