हाथरस कांड: आरोपियों के पक्ष में आगे आई क्षत्रिय महासभा

हिमा अग्रवाल| पुनः संशोधित शनिवार, 10 अक्टूबर 2020 (14:15 IST)
हाथरस गैंगरेप आरोपियों की लड़ाई लड़ने के लिए वकील हाथरस पहुंचे। गांव में उन्होंने आरोपित पक्ष के चारों परिवारों से बातचीत की। आरोपियों के पक्ष में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के बैनर तले यह केस लड़ा जायेगा।
आज सुबह बूलगढ़ी गांव में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रतिनिधि मंडल पहुंचा। जिसमें वकील एपी सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री मानवेन्द्र सिंह और अखिल क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र तंवर शामिल है।

इस प्रतिनिधि मंडल के लोगों ने आरोपी लवकुश की मां से पूरी कहानी सुनी। आरोपी की मां ने बताया कि वह खेत में घास काट रहा था, पीड़ित बेटी की मां ने उससे पानी लाने के लिये बोला और वह उसके लिए पन्नी में पानी लाया था। लवकुश ने पीड़िता की मदद करी और उसे ही आरोपी बना दिया गया है, वह निर्दोष है।
आरोपियों के वकील ने कहा कि इस प्रकरण में कुछ पहलुओं की अनदेखी की गई है, बेटी के साथ हुई वारदात में एक हफ्ते तक पीड़ित परिवार ने अनहोनी की बात नही बोली, जीभ काटने और रीढ़ की हड्डी पर चोट सोशल मीडिया पर फैल गई, ये सब घटना के एक हफ्ते बाद जब पीड़ित परिवार कुछ नेताओं के सम्पर्क मे आया, तब बोला जो संशय पैदा करता है।

मृतका के शव को रात में संस्कार पुलिस के लॉ एंड ऑडर का मामला हो सकता है, लेकिन उस पर सरकार ने एक्शन लेते हुए अधिकारियों पर कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री ने एस आई टी बनाई है, जो इमानदारी से सघन जांच कर रही है, हमें इन एजेंसियों से कोई दिक्कत नही है।
उन्होंने कहा कि हाथरस मामले में राजनेता अपनी-अपनी रोटियां सेंक रहे है। ये लोग प्रदेश में ही नही पूरे देश में जातिगत वैमनस्य फैलाकर विध्वंस करना चाह रहे है। इस मामले में सभी पक्षों का नार्को टेस्ट होना चाहिए।

हाथरस आरोपियो की लड़ाई लड़ने वाले ए पी सिंह पहले भी चर्चाओं में रह चुके है। उन्होंने 2012 में निर्भया कांड के सभी दोषियों का केस लड़ा था। सिंह एक बार फिर से हाथरस गैंगरेप के चारों आरोपियों की लड़ाई कोर्ट में लड़ेंगे। लेकिन ये तो आने वाला समय ही बतायेगा की उनकी राह कितनी आसान होगी, क्योंकि इस पीड़ित बिटिया के समर्थन में देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहा है।



और भी पढ़ें :