सम्बंधित जानकारी
- Passport : क्या पासपोर्ट भी नागरिकता का सबूत नहीं? जानिए भारत में कौन-से दस्तावेज साबित करते हैं आपकी पहचान
- पासपोर्ट पर सरकार का बड़ा बयान: यह नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं, जानिए क्या कहा विदेश मंत्रालय ने
- 1 जुलाई से ट्रेन में बेटिकट सफर पड़ेगा भारी, 500 रुपये जुर्माना; दूसरे के टिकट पर यात्रा करने वालों पर भी सख्ती
- EPFO खाताधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, जल्द UPI और ATM से निकाल सकेंगे PF का पैसा
- E20 पेट्रोल से इंजन खराब हुआ तो क्या इंश्योरेंस क्लेम मिलेगा? सरकार ने बताई सचाई, क्या बोलीं बीमा कंपनियां
Passport : 1 जुलाई से पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा! केंद्र सरकार ने बढ़ाई फीस, जानिए नई दरें
केंद्र सरकार ने पासपोर्ट और अन्य यात्रा दस्तावेजों से जुड़ी सेवाओं की फीस में बढ़ोतरी कर दी है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 जारी करते हुए नई शुल्क दरों की अधिसूचना जारी की। नई फीस 1 जुलाई 2026 से लागू होगी।
नई व्यवस्था के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदकों के लिए 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट के नए आवेदन या री-इश्यू की फीस बढ़ाकर 2,500 रुपए कर दी गई है। वहीं, इसी श्रेणी में तत्काल (Tatkal) सेवा के लिए कुल शुल्क 5,000 रुपए निर्धारित किया गया है। इसी तरह 60 पेज वाले पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क 3,500 रुपए और तत्काल शुल्क 6,000 रुपए होगा।
पहले कितनी थी फीस?
अब तक 36 पेज वाले पासपोर्ट के लिए 1,500 रुपए और 60 पेज वाले पासपोर्ट के लिए 2,000 रुपए शुल्क लिया जाता था। नई दरों के लागू होने के बाद आवेदकों को अधिक शुल्क चुकाना होगा।
बच्चों के पासपोर्ट की फीस भी बढ़ी
18 वर्ष से कम आयु के आवेदकों के लिए नए पासपोर्ट की फीस 1,000 रुपए से बढ़ाकर 1,750 रुपए कर दी गई है। इस श्रेणी में तत्काल सेवा के लिए शुल्क 4,250 रुपए तय किया गया है।
खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट पर ज्यादा खर्च
यदि 36 पेज का पासपोर्ट खो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो उसके बदले नया पासपोर्ट बनवाने के लिए सामान्य श्रेणी में 5,000 रुपए और तत्काल श्रेणी में 7,500 रुपए देने होंगे। वहीं, 60 पेज वाले पासपोर्ट के प्रतिस्थापन के लिए सामान्य शुल्क 6,000 रुपए और तत्काल शुल्क 8,500 रुपए निर्धारित किया गया है।
अन्य सेवाओं की फीस भी बदली
नई अधिसूचना के अनुसार:
- पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC) के लिए 750 रुपए शुल्क।
- सरेंडर सर्टिफिकेट के लिए 750 रुपए शुल्क।
- ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन के लिए 750 रुपए शुल्क।
- पासपोर्ट आधारित अन्य प्रमाणपत्रों के लिए भी 750 रुपए शुल्क।
- सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी के लिए 1,000 रुपए शुल्क निर्धारित किया गया है।
- भारत में जारी होने वाला इमरजेंसी सर्टिफिकेट पहले की तरह निःशुल्क रहेगा।
- पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं
सरकार ने पासपोर्ट की वैधता अवधि में कोई बदलाव नहीं किया है। वयस्कों के लिए पासपोर्ट की वैधता 10 वर्ष रहेगी। वहीं, नाबालिगों के लिए पासपोर्ट पांच वर्ष या 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो भी पहले हो, मान्य रहेगा।
वरिष्ठ नागरिकों और छोटे बच्चों को राहत
सरकार ने 8 वर्ष तक के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए पासपोर्ट शुल्क पर मिलने वाली 10 प्रतिशत छूट को बरकरार रखा है। नई फीस लागू होने के बाद भी पात्र आवेदकों को यह रियायत मिलती रहेगी। Edited by : Sudhir Sharma
