यूएन वीमेन की SheLeads पहल के तहत आयोजित कार्यशाला में, देश के विभिन्न हिस्सों से आई ज़मीनी स्तर की महिला नेता, निर्वाचित प्रतिनिधि और प्रशासनिक पदों पर कार्यरत महिलाओं ने भाग लिया।
UN Women India ने भारत में महिलाओं की सार्वजनिक और राजनैतिक भागेदारी को बढ़ावा देने के लिए, एक नेतृत्व विकास कार्यशाला शुरु की है जिसका नाम है - SheLeads II. इस कार्यक्रम का उद्देश्य, महिलाओं को नेतृत्व भूमिका निभाने के लिए ज़रूरी कौशल, मार्गदर्शन और मंच उपलब्ध कराना है।
SheLeads पहल, वर्ष 2023 में पारित महिला आरक्षण अधिनियम की पृष्ठभूमि में और भी प्रासंगिक हो गई है, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित की गई हैं।
हालांकि फ़िलहाल 18वीं लोकसभा में महिलाओं की भागेदारी केवल 14% है, जिससे इस प्रतिनिधित्व का अन्तर स्पष्ट होता है। ऐसे में, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य, आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों में महिलाओं को नेतृत्व के लिए प्रेरित करना और उन्हें ज़रूरी समर्थन व संसाधन उपलब्ध कराना है। कार्यशाला में देशभर से आई ज़मीनी स्तर की महिला नेता, निर्वाचित प्रतिनिधि और प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत महिलाएं शामिल हुईं।
भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए कहा, "महिला नेतृत्व केवल प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि विकसित भारत की दिशा में एक ज़रूरी क़दम है।
SheLeads जैसे कार्यक्रम महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास एवं ज़रूरी संसाधन देते हैं, ताकि वे SDGs और भारत@2040 जैसे लक्ष्यों में अहम भूमिका निभा सकें” इस वर्ष कार्यशाला के लिए 22 प्रदेशों से 260 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए - जो फ़रवरी 2024 में आयोजित पहले संस्करण की तुलना में दोगुने से भी ज़्यादा हैं।
कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 36 महिला प्रतिभागियों को चुना गया, जिनमें निर्वाचित प्रतिनिधि, पंचायत प्रमुख, नगर पार्षद और युवा सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। ये सभी प्रतिभागी दो दिवसीय संवादात्मक सत्रों में भाग ले रही हैं, जिनमें सांसदों और नीति विशेषज्ञों से बातचीत, चुनावी अभियान की रणनीति, शासन की संरचना की समझ, मीडिया से जुड़ाव, और मन्थन श्रंखला जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे।
कार्यक्रम में नॉर्वे की राजदूत मे-एलिन स्टेनर ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, "नॉर्वे को ऐसे कार्यों में साथ देने पर ख़ुशी है, जो महिला नेताओं को सशक्त बनाते हैं और समावेशी शासन को बढ़ावा देते हैं। SheLeads जैसे कार्यक्रम ज़मीनी बदलाव लाने में मदद करते हैं”
यूएन वीमेन की कार्यशाला के दौरान प्रतिभागी, सांसदों, नीति विशेषज्ञों और मीडिया रणनीतिकारों के साथ सम्वादात्मक सत्रों में भाग ले रहे हैं। भारत में UN Women की राष्ट्रीय प्रतिनिधि कान्ता सिंह ने कहा, "विकसित भारत के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए राजनीति में महिलाओं की भागेदारी ज़रूरी है। यह महिला नेत्रियों से सम्बन्धित नीतियों और शासन प्रणाली को ऐसी दिशा देती हैं, जो सभी नागरिकों की आकाँक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है"
उन्होंने कहा, "SheLeads के साथ हमारा प्रयास है कि हर महिला के पास वह आत्मविश्वास और संसाधन हों, जो उसे नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए तैयार करें।”