Aaj ka sher Raza love | है जुर्म मोहब्बत तो...
है जुर्म मोहब्बत तो सजा क्यूँ नहीं देते,
मुजरिम हूँ तो सूली पे चढ़ा क्यूँ नहीं देते - रजा शर्फी
मुजरिम हूँ तो सूली पे चढ़ा क्यूँ नहीं देते - रजा शर्फी
