Rana Aaj ka sher | मैं सीढ़ियों पर पड़ा हूँ
यहाँ पर इज्जतें मरने के बाद मिलती हैं,
मैं सीढ़ियों पर पड़ा हूँ कबीर होते हुए - मुनव्वर राना
मैं सीढ़ियों पर पड़ा हूँ कबीर होते हुए - मुनव्वर राना
