महबूबा की केंद्र को चेतावनी, अमेरिका को अफगानिस्तान से भागना पड़ा, कश्मीरियों का सब्र टूटा तो तुम हार जाओगे...

Last Updated: शनिवार, 21 अगस्त 2021 (17:26 IST)
हमें फॉलो करें
श्रीनगर। में की जीत के बाद जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री एवं पीडीपी मुखिया महबूबा मुफ्ती का लहजा और सख्त होता नजर आ रहा है। हाल ही में महबूबा ने बेतुका बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अपने पड़ोसी (अफगानिस्तान) को देखो, जहां से महाशक्ति अमेरिका को अपनी सेना वापस बुलानी पड़ी। हालांकि जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद महबूबा मुफ्ती लगातार सरकार के खिलाफ आग उगल आ रही हैं।
उन्‍होंने कुलगाम में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मोदी सरकार को चेतावनी दी। उन्‍होंने प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि वे अपने पड़ोस (अफगानिस्तान) की ओर नजर घुमाएं, जहां सुपर पावर अमेरिका को भी बैग पैक करके भागने को मजबूर होना पड़ा है।

महबूबा ने चेतावनी दी कि अगर उसने वाजपेयी डॉक्टरिन के तहत पाकिस्तान से दोबारा बातचीत शुरू नहीं की तो उसे भी ऐसे ही बर्बाद होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार कश्मीरियों के सब्र का इम्तेहान न ले। उसे एक दिन परास्त होना पड़ेगा।

उन्‍होंने कहा, मैं बार बार कहती हूं, सुधर जाओ। पड़ोस में देखो क्या हो रहा है। अमेरिका को बोरिया-बिस्तर लेकर जाना पड़ा। जिस तरह से वाजपेयी जी ने बात शुरू की थी उसी तरह से बात शुरू करो, नहीं तो बहुत देर हो जाएगी। महबूबा ने कहा, जम्‍मू-कश्‍मीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए, इस गलती को सुधारो। लोग सोचते हैं कि ये क्या करेंगी, लेकिन कभी-कभी एक चींटी हाथी के सूंड में घुस जाती है तो उसका भी जीना मुश्किल कर देती है।
ALSO READ:

जालंधर में दूसरे दिन भी किसानों का प्रदर्शन, ट्रेन और सड़क यातायात प्रभावित
उन्‍होंने चेताया कि कश्मीरी कमजोर नहीं हैं। वे बहादुर और धैर्यशील हैं। यह उनका साहस और धैर्य ही है कि उन्होंने अब तक बंदूक नहीं उठाई है, जिस दिन उनका धैर्य जवाब दे दिया, उस दिन सब कुछ खत्म हो जाएगा। महबूबा ने कहा कि कांग्रेस ने आज तक इस देश को बचाए रखा है, हालांकि कांग्रेस नेताओं से भी कई गलतियां हुई हैं, लेकिन उसने देश को एक बनाए रखा है।
उन्‍होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश के टुकड़े-टुकड़े करवाना चाहती है। भाजपा देश का तालिबानीकरण करने की कोशिश कर रही है। उन्‍होंने कहा कि जिस वक्त देश आजाद हुआ, उस वक्त मुस्लिम बहुल जम्मू कश्मीर एक स्वतंत्र रियासत था। पंडित नेहरू और कांग्रेस की नीतियों की वजह से जम्मू कश्मीर भारत में मिलने को तैयार हो गया।
भारत सरकार और तालिबान को एक तराजू में तोलते हुए उन्‍होंने कहा कि वे ऐसी कोई भी हरकत न करें, जिससे पूरी दुनिया उनके साथ हो जाए। उन्‍होंने केंद्र से कहा कि वह अफगानिस्तान में फंसे जम्मू कश्मीर के लोगों को वापस लेकर आए।




और भी पढ़ें :