गठिया, कमर तथा जोड़ों के दर्द में लाभ देंगे मैथी के लड्डू, सर्दी में अवश्य खाएं

Methi Dana 
सामग्री : 
500 ग्राम मैथीदाना, 100 ग्राम खाने वाला बारीक किया हुआ, 500 ग्राम मोटा पिसा गेहूं का आटा, 1 किलो गुड़, 250 ग्राम शकर का बूरा (पिसी शकर), 100 ग्राम पिसी छनी बारीक सोंठ, 1 किलो के करीब शुद्ध घी, 100 ग्राम खसखस, 250 ग्राम बारीक कटा मेवा, 10 ग्राम इलायची पावडर। 
 
विधि : 
मैथीदाने को साफ करके दो दिन पानी बदलकर भिगोएं। ताजे पानी से धोकर बारीक पीस लें। मोटे तले की फ्राइंगपेन में एक बड़ा चम्मच घी डालकर धीमी आंच में भूनें। घी की जरूरत लगने पर थोड़ा-थोड़ा डालकर चलाते हुए भूनते रहें। ब्राउन होने और खुशबू आने पर उतार लें। आटे को छानकर घी के साथ अलग से इसी तरह भून लें। 
 
गोंद को घी में फुलाकर हल्का-सा कुचल लें। कम गरम घी में सोंठ और खसखस को डालकर निकाल लें। को कूटकर या बारीक करके घी के साथ चलाएं। जब गुड़ घी में अच्छी तरह से मिल जाए तो उतार लें। इसमें तैयार की हुई सारी सामग्री, कटे मेवे, इलायची पावडर मिला दें। आधा बूरा भी मिला दें। घी कम लगे तो इसमें आवश्यकतानुसार गरम घी मिला लें। अब थोड़ा गरम रहते ही बूरे को हथेलियों से रगड़ें और एक साइज के लड्डू बना लें। 
 
सर्दी के दिनों में सुबह नाश्ते में यह लड्डू खाने से स्फूर्ति बनी रहती है तथा कमर दर्द, गठिया तथा जोड़ों का दर्द और वात रोग में भी लाभ मिलता है। 



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