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Share Bazaar में तेजी लौटी, Sensex 318 अंक चढ़ा, Nifty भी बढ़त में
Share Market Update : स्थानीय शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को तेजी लौटी और बीएसई सेंसेक्स 318 अंक के लाभ में रहा, जबकि एनएसई निफ्टी फिर से 23,500 अंक के स्तर को पार कर गया। निफ्टी भी 105.10 अंक यानी 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,591.95 अंक पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार लिवाली और रिलायंस इंडस्ट्रीज, एलएंडटी तथा बजाज फाइनेंस जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी से तेजी को समर्थन मिला। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में बजाज फिनसर्व, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, लार्सन एंड टुब्रो, अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, जोमैटो, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और टाइटन सबसे ज्यादा लाभ में रहीं।
हालांकि डोनाल्ड ट्रंप के शुल्क को लेकर अनिश्चितताओं के बीच वाहन कंपनियों के शेयरों में बिकवाली और औषधि कंपनियों के शेयरों में नरम रुख से शेयर बाजारों में तेजी सीमित रही। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 317.93 अंक यानी 0.41 प्रतिशत चढ़कर 77,606.43 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, एक समय यह 458.96 अंक तक चढ़ गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 105.10 अंक यानी 0.45 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,591.95 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में बजाज फिनसर्व, इंडसइंड बैंक, एनटीपीसी, लार्सन एंड टुब्रो, अल्ट्राटेक सीमेंट, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फाइनेंस, पावर ग्रिड, जोमैटो, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और टाइटन सबसे ज्यादा लाभ में रहीं।
आयातित कारों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की अमेरिकी राष्ट्रपति की घोषणा के बाद टाटा मोटर्स में 5.5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। इसके अलावा, सन फार्मा, कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल, एचसीएल टेक और महिंद्रा एंड महिंद्रा भी नुकसान में रहे।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, विदेशी संस्थागत निवेशकों के लगातार पूंजी प्रवाह और प्रमुख कंपनियों के शेयरों की खरीद के कारण बाजार पूरे दिन बढ़त में रहा। हालांकि ट्रंप के वाहन आयात पर लगाए गए 25 प्रतिशत शुल्क ने वाहन शेयरों को प्रभावित किया है। साथ ही दवा कंपनियों के भीतर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
उन्होंने कहा, इन चुनौतियों के बावजूद बाजार ने मजबूती दिखाई। इसे वित्त वर्ष 2025-26 में दहाई अंक में कंपनियों की आय वृद्धि की उम्मीदों से समर्थन मिला। यह मुख्य रूप से मुद्रास्फीति में कमी और ब्याज दर में गिरावट के रुख से प्रेरित है। इससे घरेलू बुनियादी बातों में सुधार होने की उम्मीद है।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,240.55 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। एशिया के अन्य बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में रहे जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और जापान का निक्की नुकसान में रहे।
दोपहर के कारोबार में यूरोप के प्रमुख बाजारों में गिरावट का रुख था। अमेरिकी बाजारों में बुधवार को गिरावट रही थी। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73.62 डॉलर प्रति बैरल रहा। बीएसई सेंसेक्स बुधवार को 728.69 अंक टूटा था जबकि एनएसई निफ्टी में 181.80 अंक की गिरावट आई थी। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour
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