शेयर बाजार में कैसा रहा अक्टूबर का आखिरी हफ्ता, निवेशकों ने 3 दिन की मुनाफा वसूली
Share market review Market ki Baat : शेयर बाजार के लिए अक्टूबर का आखिरी हफ्ता मिला जुला रहा। हफ्ते में 3 दिन बाजार गिरा तो 2 दिन यह हरे निशान में बंद हुआ। 5 कारोबारी दिनों में सेंसेक्स अंकों की गिरावट रही जबकि निफ्टी भी अंक गिर गया। इस हफ्ते सेंसेक्स में 264 अंकों की गिरावट रही तो निफ्टी भी 73 अंक गिर गया। जानिए मार्केट ट्रेड और निवेशकों के लिए कैसा रहेगा अगला सप्ताह।
कैसी रही सेंसेक्स और निफ्टी की चाल : हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को शेयर बाजार में बड़ा उछाल आया है। सेंसेक्स 567 अंक की छलांग लगाकर 84779 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी 171 अंक की बढ़त के साथ 25,966 पर बंद हुआ। 28 अक्टूबर को सेंसेक्स 151 अंक की गिरावट के साथ 84628 पर बंद हुआ। निफ्टी 30 अंक गिरकर 25936 पर जा पहुंचा।
29 अक्टूबर को सेंसेक्स 369 अंक की बढ़त के साथ 84997 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 118 अंकों के उछाल के साथ 26000 के पार जा पहुंचा। 30 अक्टूबर को सेंसेक्स 593 अंक टूट गया, वहीं निफ्टी भी 176 अंक गिरकर 26000 के नीचे आ गया। इस बड़ी गिरावट में निवेशकों के 1.82 लाख करोड़ रुपए डूब गए। माह के आखिरी दिन भी सेंसेक्स 466 अंक टूटकर 83939 पर आ गया, वहीं निफ्टी भी 156 अंक गिरकर 25,722 के नीचे आ गया।
इन फैक्टर्स से तय हुई बाजार की चाल : फेड रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती के बाद भारतीय शेयर बाजारों में गिरावट आई। रिजर्व बैंक से इस फैसले से राहत की उम्मीदें कम हुई। डॉलर की मजबूती के चलते भारतीय शेयर बाजारों में माह के अंत में गिरावट दिखाई दी। निवेशकों ने माह के आखिरी 2 कारोबारी दिनों में जमकर मुनाफा वसूली की।
बैंक निफ्टी पर सेबी का शिकंजा : सेबी ने बैंक निफ्टी के लिए नए नियम अधिसूचित किए हैं, जिसमें यह अनिवार्यता भी शामिल है कि सेक्टोरियल इंडेक्स में मौजूदा 12 के बजाय कम से कम 14 घटक होने चाहिए। इसके अलावा, शीर्ष शेयर का वजन 33 फीसदी से घटाकर 20 प्रतिशत किया गया। रिटेल निवेशकों के लिए यह एक सकारात्मक खबर है। इससे मैनुपुलेशन कम होगा। हालांकि बड़े प्लेयर्स को इसका नुकसान होगा।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट : शेयर बाजार विशेषज्ञ योगेश बागौरा ने कहा कि निफ्टी 50 को 26000 से 26130 के बीच मजबूत सपोर्ट रहेगा। यहां प्रॉफिट बुकिंग हो सकती है। उन्होंने कहा कि 26250 ब्रेक आउट होने पर बाजार में नई तेजी की धारणा बनेगी। नीचे में इसका टारगेट 25300 से 25500 है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका और चीन की टैरिफ डील की वजह से विदेश निवेशकों का रुझान चीन की तरफ हुआ है। चीन ने भी एक साल के लिए रेयर अर्थ मटेरियल से प्रतिबंध हटा लिया है। इससे अन्य देशों का प्रोडक्शन भी सुधरेगा। भारत को फिलहाल चीन से ज्यादा टैरिफ लग रहा है। इसका भी बाजार नकारात्मक असर हु्आ। चीन की टेक कंपनियां अमेरिकी टेक कंपनियों से लेटेस्ट टेक्नोलॉजी शेयर कर सकेगी। ट्रंप ने इस पर 4 माह पहले ही टैक्स लगाया था।
अस्वीकरण : यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। यह कोई निवेश सलाह नहीं है। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर लें।