ग्रैंडमास्टर के साथ खेला शतरंज फिर खिलाड़ियों को यह संदेश दिया PM मोदी ने (Video)

Last Updated: मंगलवार, 26 जुलाई 2022 (13:09 IST)
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में रविवार को 44वें ओलंपियाड के ऐतिहासिक मशाल रिले का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत के युवा हर खेल में शीर्ष प्रदर्शन कर रहे हैं, और भारत का “अगला लक्ष्य पेरिस 2024 और लॉस एंजेलिस 2028 है।” > श्री मोदी ने कहा, “न्यू इंडिया के युवा हर खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। वे दुनिया भर में भारत का परचम लहरा रहे हैं। अब हम 2024 पेरिस ओलंपिक और 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए काम कर रहे हैं। इसके लिए टॉप्स (टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम) के माध्यम से भी खिलाड़ियों का समर्थन किया जा रहा है।”> श्री मोदी ने कहा कि पहले खिलाड़ियों को सही मंच के लिये इंतज़ार करना पड़ता था, लेकिन आज “खेलो इंडिया उन्हें तलाश भी रहा है, तराश भी रहा है।” उन्होंने कहा कि आज हज़ारों खिलाड़ियों को खेलो इंडिया अभियान के तहत चुना गया है।प्रधानमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति ने भी खेलों को अन्य विषयों जितना महत्व दिया है और देश में कई खेल विश्वविद्यालयों का निर्माण किया जा रहा है।

श्री मोदी ने कहा, “खेलो इंडिया के तहत देश के दूर-दराज के क्षेत्रों से खेल प्रतिभाएं उभर रही हैं और देश के विभिन्न कस्बों और जिलों में आधुनिक खेल का बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है। नयी शिक्षा नीति के तहत खेलों को अन्य शैक्षणिक विषयों के बराबर रखा गया है। फिजियो, खेल विज्ञान जैसे खेलों के कई नए आयाम सामने आ रहे हैं और देश में कई खेल विश्वविद्यालय खोले जा रहे हैं।”

शतरंज के साथ भारत के पुराने रिश्ते की ओर इशारा करते हुए श्री मोदी ने कहा, “हमारे पूर्वजों ने चतुरंगा उर्फ शतरंज का आविष्कार किया था। शतरंज भारत के रास्ते दुनिया के कई देशों में पहुंचा और बहुत लोकप्रिय हुआ। शतरंज हिंदुस्तान से निकलकर पूरी दुनिया में पहुंचा, कई लोगों का ‘पैशन’ बन गया है। हमें खुशी है कि शतरंज इतने बड़े खेल के रूप में अपने जन्मस्थान में फिर एक बार ‘सेलिब्रेट’ किया जा रहा है।”

श्री मोदी ने ओलंपियाड में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा, “साथियों, आप जब खेल के मैदान या किसी बोर्ड के सामने होते हैं तो सिर्फ अपनी जीत के लिए नहीं बल्कि देश के लिए खेलते हैं। जाहिर है हजारों लोगों की आकाक्षाओं का भार भी आप पर रहता है। आप अपना शत प्रतिशत दीजिए, लेकिन जीरो प्रतिशत तनाव के साथ।”उन्होंने कहा कि शतरंज के खेल में एक चूक से खेल पलटने की आशंका रहती है, लेकिन यह शतरंज ही है जहां हारी हुई बाज़ी को भी दिमाग से पलट सकते हैं, इसलिए खिलाड़ी जितना कम दबाव लेंगे, उतना बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
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Historic day for lovers ! PM Shri ji plays the ceremonialmove with Indian Grandmaster Smt Koneru Humpy at the launch event of the first ever Torch Relay for Chess Olympiad. #India4ChessOlympiad - Bhupender Yadav (@byadavbjp) 19 June 2022
केंद्रीय खेल व युवा मामलों के मंत्री अनुराग ठाकुर ने 44वें शतरंज ओलंपियाड का आयोजन महाबलिपुरम में होना भारत का सौभाग्य बताया।ठाकुर ने कहा, “यह भारत का सौभाग्य है कि 44वें शतरंज ओलंपियाड का आयोजन शतरंज की जन्मभूमि भारत में हो रहा है। 188 देशों के 2000 खिलाड़ी इस आयोजन में हिस्सा ले रहे हैं। यह ऐतिहासिक है कि फिडे ने टॉर्च रिले की प्रथा की शुरुआत भारत से करने का फैसला लिया है।”

श्री मोदी ने यहां अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (फिडे) के अध्यक्ष अर्काडी ड्वोर्कोविच के साथ टॉर्च रिले का उद्घाटन किया। ड्वोर्कोविच ने टॉर्च जलाकर प्रधानमंत्री मोदी को सौंपी जिसे उन्होंने भारत के शतरंज ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद के सुपुर्द किया।चेन्नई के समीप महाबलीपुरम में होने वाले इस ओलंपियाड में पहली बार टॉर्च रिले की शुरुआत की गई है।

यह टॉर्च भारत के 75 शहरों से होते हुए महाबलीपुरम में अपने आयोजन स्थल पहुंचेगी।इस दौरान प्रधानमंत्री ने भारत की महिला ग्रैंडमास्टर और बीबीसी स्पोर्ट्स वुमन ऑफ द इयर से सम्मानित कोनिरो हंपी के साथ शतरंज भी खेला।

भारत के साथ शतरंज के घनिष्ठ रिश्ते को देखते हुए फिडे ने यह फ़ैसला भी किया है कि हर ओलंपियाड से पहले टॉर्च रिले की शुरुआत भारत से ही होगी, और यह दुनिया भर में घूमते हुए ओलंपियाड के आयोजन शहर में पहुंचेगी।



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