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2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण कब लगेगा? 5 राशियों पर अशुभ असर, 3 की चमकेगी किस्मत, जानें तारीख और उपाय
वर्ष 2026 का दूसरा और सबसे महत्वपूर्ण सूर्य ग्रहण 12 अगस्त 2026 को लगेगा। 28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण रहेगा। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण होगा। यह सूर्य ग्रहण कर्क राशि (Cancer) और अश्लेषा नक्षत्र में लगेगा। इस ग्रहण का 4 राशियों पर नकारात्मक असर होगा। यहां इस ग्रहण से जुड़ी 4 राशियों और सूर्य ग्रहण मुख्य जानकारी दी गई है।
तारीख और समय (भारतीय समयानुसार)
चूंकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए भारतीय समय के अनुसार इसकी अवधि रात के दौरान होगी:
शुरुआत: 12 अगस्त, रात लगभग 09:04 बजे से।
समाप्ति: 13 अगस्त, सुबह लगभग 04:25 बजे तक।
सूतककाल: सूर्य ग्रहण लगने के 12 घंटे पहले से सूतकाल लग जाता है जो सूर्य ग्रहण की समाप्ति पर समाप्त हो जाता है।
सूतककाल: सूर्य ग्रहण लगने के 12 घंटे पहले से सूतकाल लग जाता है जो सूर्य ग्रहण की समाप्ति पर समाप्त हो जाता है।
4 राशियों पर नकारात्मक प्रभाव:
1. मेष, कर्क, सिंह, तुला और मकर (चुनौतीपूर्ण प्रभाव)
मेष राशि: पारिवारिक सुख में कमी और माता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें।
तुला राशि: कार्यक्षेत्र में तनाव या बदलाव की स्थिति बन सकती है। पिता के साथ वैचारिक मतभेद संभव हैं।
कर्क राशि: चूंकि ग्रहण इसी राशि में लग रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों को मानसिक तनाव, बेचैनी और स्वास्थ्य के प्रति अधिक सचेत रहने की जरूरत हो सकती है।
मकर राशि: यह ग्रहण आपके सातवें भाव (साझेदारी और वैवाहिक जीवन) को प्रभावित करेगा। जीवनसाथी के साथ सामंजस्य बिठाने में दिक्कत आ सकती है।
सिंह राशि: यह ग्रहण आपके 12वें भाव में होगा, जिससे अनावश्यक खर्चे और मानसिक चिंता बढ़ सकती है। व्यर्थ की यात्राओं से बचें। अष्टम भाव प्रभावित होने से अचानक आने वाली बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी रखें।
2. मिथुन, कन्या और मीन (सकारात्मक प्रभाव)
मिथुन: आर्थिक लाभ के योग बन सकते हैं, हालांकि वाणी पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।
कन्या: आपकी आय के स्रोतों में वृद्धि हो सकती है और पुराने रुके हुए काम बन सकते हैं।
मीन: रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। संतान पक्ष से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है।
3. वृषभ, वृश्चिक और कुंभ (मिश्रित प्रभाव)
वृषभ: आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी, लेकिन छोटे भाई-बहनों के साथ विवाद से बचें।
वृश्चिक: भाग्य का साथ मिलेगा, लेकिन लंबी यात्राओं में सावधानी बरतनी होगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी।
कुंभ: शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी, लेकिन स्वास्थ्य (विशेषकर पेट से संबंधित) का ध्यान रखना होगा।
4. उपाय: प्रभाव को कम करने के लिए क्या करें?
भले ही यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है, फिर भी यदि आप इसकी ऊर्जा से प्रभावित महसूस करते हैं, तो ये सरल उपाय कर सकते हैं:
दान: ग्रहण के बाद सफेद वस्तुओं (दूध, चावल, चीनी) का दान करना कर्क राशि के दोष को कम करता है।
मंत्र जाप: 'ॐ नमः शिवाय' या महामृत्युंजय मंत्र का मानसिक जाप करें।
चंद्रमा को मजबूत करें: चूंकि सूर्य ग्रहण कर्क (चंद्रमा की राशि) में है, इसलिए पूर्णिमा के दिन अर्घ्य देना लाभकारी रहेगा।
5. कहाँ-कहाँ दिखाई देगा?
यह पूर्ण सूर्य ग्रहण मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों से होकर गुजरेगा:
यूरोप: स्पेन, पुर्तगाल, आइसलैंड और ग्रीनलैंड। यह यूरोप में पिछले कई दशकों के बाद दिखने वाला पहला "पूर्ण" सूर्य ग्रहण होगा। इसमें चंद्रमा पूरी तरह से सूर्य को ढंक लेगा, जिससे दिन में अंधेरा छा जाएगा।
अन्य क्षेत्र: आर्कटिक महासागर, अटलांटिक महासागर और रूस के कुछ उत्तर-पूर्वी हिस्से।
आंशिक ग्रहण: ग्रेट ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और उत्तरी अफ्रीका के कई हिस्सों में आंशिक सूर्य ग्रहण दिखाई देगा।
क्या यह भारत में दिखेगा?: नहीं, यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इस कारण भारत में इसका कोई धार्मिक प्रभाव या सूतक काल मान्य नहीं होगा।
