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Sawan 2024: 22 जुलाई सावन सोमवार 2024 के दिन 6 दुर्लभ शुभ संयोग

Shravan somvar 2024 : सावन मास में किस किस तारीख को रहेगा सोमवार का दिन

sawan somvar shivling puja
Sawan somvar 2024 start and End date: इस बार श्रावण मास का प्रारंभ सोमवार से हो रहा है। यह अद्भुत संयोग है। इसी के साथ इस बार सावन माह की शुरुआत में प्रीति योग, आयुष्यमान योग, नवम पंचम योग, शश राजयोग और सर्वार्थ सिद्धि योग योग भी रहेगा। इस योग में शिव पूजा या अन्य कोई कार्य करने से वह सफल और सिद्ध होता है।ALSO READ: श्रावण मास में नहीं करना चाहिए भूलकर भी ये 5 काम, पछताना पड़ेगा
 
सावन सोमवार डेट 2024 : Sawan somwar Date 2024:
1. पहला सावन सोमवार व्रत- 22 जुलाई को रहेगा।
2. दूसरा सावन सोमवार व्रत- 29 जुलाई को रहेगा।
3. तीसरा सावन सोमवार व्रत- 5 अगस्त को रहेगा।
4. चौथा सावन सोमवार व्रत- 12 अगस्त को रहेगा।
5. पांचवां सावन सोमवार व्रत- 19 अगस्त को रहेगा।
 
22 जुलाई 2024 के शुभ मुहूर्त:-
ब्रह्म मुहूर्त:- प्रात: 04:15 से 04:56 तक।
प्रातः संध्या:- प्रात: 04:35 से 05:37 तक।
अभिजीत मुहूर्त:- दोपहर 12:00 से 12:55 तक।
अमृत काल:- दोपहर 12:46 से 02:14 तक।
विजय मुहूर्त:- दोपहर 02:44 पी एम से 03:39 तक।
गोधूलि मुहूर्त:- शाम 07:17 से 07:37 तक।
सायाह्न सन्ध्या:- शाम 07:18 से 08:20 तक।
निशिता मुहूर्त:- 12:07 am से 12:48 तक (23 जुलाई)
सर्वार्थ सिद्धि योग:- प्रातः: 05:37 से रात्रि 10:21 तक।
प्रीति योग : 21 जुलाई रात्रि 11 बजकर 11 मिनट से 22 जुलाई की रात 8 बजकर 50 मिनट तक।
आयुष्मान योग : रात 8 बजकर 50 मिनट से अगले दिन तक।
 
इस माह में माता पार्वती ने कठित तप करके शिवजी को प्रसन्न किया था। इसीलिए भगवान शिव को यह माह सबसे प्रिय है। जो भी व्यक्ति इस संपूर्ण माह व्रत रखता है उसकी सभी मनोकामना पूर्ण हो जाती है।पौराणिक कथा के अनुसार देवी सती ने अपने दूसरे जन्म में शिव को प्राप्त करने हेतु युवावस्था में श्रावण महीने में निराहार रहकर कठोर व्रत किया और उन्हें प्रसन्न कर विवाह किया था। इसलिए यह माह विशेष है। ALSO READ: श्रावण मास में नहीं करना चाहिए भूलकर भी ये 5 काम, पछताना पड़ेगा
 
श्रावण माह से व्रत और साधना के चार माह अर्थात चातुर्मास प्रारंभ होते हैं। ये 4 माह हैं- श्रावण, भाद्रपद, आश्‍विन और कार्तिक। इस माह में सोमवार, गणेश चतुर्थी, मंगला गौरी व्रत, मौना पंचमी, कामिका एकादशी, ऋषि पंचमी, 12वीं को हिंडोला व्रत, हरियाली अमावस्या, विनायक चतुर्थी, नाग पंचमी, पुत्रदा एकादशी, त्रयोदशी, वरा लक्ष्मी व्रत, नराली पूर्णिमा, श्रावणी पूर्णिमा, शिव चतुर्दशी और रक्षा बंधन आदि पवित्र दिन आते हैं।ALSO READ: श्रावण मास में भगवान शिव को अर्पित करें ये 12 वस्तुएं तो होगी मनोकामना पूर्ण
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