रामापीर : चमत्कारिक संत बाबा रामदेव के 5 परचे...

अनिरुद्ध जोशी 'शतायु'|
पंच पीपल : बाबा रामदेवजी के समाधि स्थल रामदेवरा से 12 किलोमीटर स्थित एक पांच पीपलों से युक्त पेड़ है। बाबा रामदेवजी के 24 परचों में से एक इस परचे का जुड़ाव प्रसिद्धस्‍थल पंच पिपली से भी है। इसी संबंध में माना जाता है कि रामदेवजी की परीक्षा के लिए मक्‍का-मदीना से पांच पीर रामदेवरा आए और रामदेवजी के अतिथि बने। जब भोजन का समय आया तो उन्‍होंने अपने स्‍वयं के कटोरे के अलावा भोजन न ग्रहण कर पाने का प्रण दोहराया तो बाबा ने अपनी दाईं भुजा को इतना लंबा बढ़ाया कि वहीं बैठे-बैठे मक्‍का-मदीना से उनके कटोरे वहीं मंगवा दिए, पीरों ने उसी समय उन्‍हें अपना गुरु (पीर) माना और वहीं से रामदेवजी का नाम पड़ा और बाबा को 'पीरो के पीर रामसापीर' की उपाधि भी प्रदान की थी।
रामदेवरा से पूर्व की ओर एकां गांव के पास एक छोटी-सी नाडी के पाल पर घटित इस वाकिये के दौरान पीरों ने भी परचे स्‍वरूप 5 पीपली लगाई थी, जो आज भी वहां पर विद्यमान है। यह रामदेवरा से 12 किलोमीटर दूर एकां गांव में स्थित है। यहां पर का एक छोटा-सा मंदिर एवं सरोवर भी है।

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