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नवदुर्गा : माता सती की दूसरी बहन के 4 रहस्य

मंगलवार,सितम्बर 24, 2019
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कहते हैं कि देवी के विभिन्न रूप को उनके वाहन, पहनावे, हाथ और शस्त्रों के अनुसार पहचाना जाता है। देवी का वाहन उल्लू और गज है। बहुत सी जगह वह कमल पर विराजमान है। हर देवी का अलग ही रूप है। आजो जानते हैं कि गजलक्ष्मी कौन है।
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विश्वकर्मा एक महान ऋषि और ब्रह्ममानी थे। ऋग्वेद में उनका उल्लेख मिलता है। कहते हैं कि उन्होंने ही देवताओं की घर, नगर, अस्त्र-शस्त्र आदि का निर्माण किया था। वे महान शिल्पकार थे। आओ जानते हैं उनके संबंध में 5 अनसुनी बातें।
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चंद्रमंडल में स्थित पितृलोक में अर्यमा सभी पितरों के अधिपति नियुक्त हैं। वे जानते हैं कि कौन सा पितृत किस कुल और परिवार से है। पुराण अनुसार उत्तरा-फाल्गुनी नक्षत्र इनका निवास लोक है।
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भगवान श्रीविष्णु के 24 से अधिक अवतार लिए हैं। उनमें से 5 अवतार ऐसे हैं जिनके बारे में लोग कम ही जानते होंगे। हालांकि बहुतों ने तो नाम भी नहीं सुना होगा। यहां ऐसे ही 5 अवतारों की संक्षिप्त जानकारी।
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मोदक प्रिय श्री गणेशजी विद्या-बुद्धि और समस्त सिद्धियों के दाता हैं तथा थोड़ी उपासना से ही प्रसन्न हो जाते हैं। उन्हें हिन्दू धर्म में प्रथम पूज्य देवता माना गया है। किसी भी कार्य को प्रारंभ करने के पूर्व उन्हीं का स्मरण और पूजन किया जाता है। आओ ...
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विश्वकर्मा की पुत्री संज्ञा से भगवान सूर्य के पुत्र यमराज, श्राद्धदेव मनु और यमुना उत्पन्न हुईं। हिन्दू धर्म में दक्षिण दिशा के दिक् पाल यमराज को यमलोक का अधिपति और मृत्यु का देवता माना जाता है। वे जीवों के शुभाशुभ कर्मों के अनुसार न्याय करते हैं।
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भगवान श्रीकृष्ण को पूर्णावतार माना जाता है। 64 कलाओं में दक्ष श्रीकृष्ण ने हर क्षेत्र में अपने व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है। वैसे तो भगवान श्रीकृष्ण के सैंकड़ों रूप और रंग हैं लेकिन आओ हम जानते हैं कि उनके 12 रूप।
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अल्लामा प्रभु 12वीं सदी के कन्नड़ संत और एक प्रसिद्ध कवि थे जो स्वयं (आत्मा) के महत्व को समझते थे और वे लोगों को उनकी आत्मा में आध्यात्मिक ऊर्जा भरने और उनकी आत्मा में भगवान के रहने का अनुभव करने के लिए जोर देते थे।
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महान संत पम्बन स्वामिगल

शुक्रवार,अगस्त 16, 2019
पम्बन गुरुदास स्वामीगल, जिन्हें पम्बन स्वामीगल के नाम से भी जाना जाता है, एक महान संत और कवि थे। वे भगवान मुरुगा के अनन्य भक्त थे।
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चंद्रशेखरेंद्र सरस्वती स्वामिगल (1894–1994), जिन्हें कांची या महापरियावा के ऋषि के रूप में भी जाना जाता है, कांची कामकोटि पीठम के 68वें जगद्गुरु थे।
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हिन्दू धर्म में त्रिमूर्ति अर्थात मुख्य 3 देवता हैं, जो सृजन, संरक्षण और विनाश का मुख्य कार्य करते हैं। इसमें ब्रह्मा को सृष्टि का निर्माता, विष्णु को रक्षक या पालनहार और शिव को संहारक या विनाश का देवता कहा जाता है। दत्तात्रेय अवतार त्रिमूर्ति का ...
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पुराणों में नागकुल के सैकड़ों नागों का उल्लेख मिलता है। ये सभी कश्यप ऋषि की पत्नी कद्रू से उत्पन्न हुए थे। उनके 8 प्रमुख पुत्र हैं- 1. अनंत (शेष), 2. वासुकि, 3. तक्षक, 4. कर्कोटक, 5. पद्म, 6. महापद्म, 7. शंख और 8. कुलिक। इसके अलावा धृतराष्ट्र और ...
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जिस घर में हनुमानजी का चित्र होता है वहां मंगल, शनि, पितृ और भूतादि का दोष नहीं रहता। हनुमानजी के भक्त हैं तो घर में हनुमानजी के चित्र कहां और किस प्रकार के लगाएं यह जानना जरूरी है। आओ आज हम आपको बताते हैं श्रीहनुमानजी के चित्र लगाने के कुछ नियम...
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आधुनिक भारत में यूं तो कई महान लोग हुए हैं जिनको किसी न किसी तरह से आसमानी अर्थात दैवीय सहायता प्राप्त होने के बात कही जाती है जिनके कारण वे महान बन गए। लेकिन हम यहां बताएंगे पांच ऐसे लोगों के बारे में जिन्होंने अध्यात्म की ऊंचाईया छूई थी।
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भारत एक महान देश है इसके दर्शन, धर्म और वातावरण से प्रभावित होकर कई लोग यहां चले आते हैं। हालांकि कई महिलाएं ऐसी भी थीं जिनके भारत आने के और भी कई कारण थे। वर्तमान में हजारों की संख्या में विदेशी महिलाएं भारत में रह रही हैं। आओ जानते हैं ऐसी 3 ...
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हिन्दू धर्म में प्रकृति का बहुत महत्व बताया गया है। हिन्दू धर्म के सभी त्योहार प्रकृति से ही जुड़े हुए हैं। प्रकृति से हमें फल, फूल, सब्जी, कंद-मूल, औषधियां, जड़ी-बूटी, मसाले, अनाज, जल आदि सभी प्राप्त होते ही हैं। इसलिए भी इसका संवरक्षण करना जरूरी ...
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आदिनाथ भगवान शिव को शंकर, महादेव, भोलेनाथ और देवाधिदेव कहते हैं। आओ जानते हैं उनके बारे में अनसुलझे और छुपे हुए 7 रहस्य।
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कहते हैं कि भगवान शिव के कुल 9 संतानें थी। एक पुत्री और 8 पुत्र मिलाकर उनकी 9 संतानों में से दो का उल्लेख कम ही मिलता है। जब हम संतान की बात करते हैं तो उनमें से कुछ गोद ली हुई और कुछ की उत्पत्ति चमत्कारिक तरीके से हुई बताई जाती है। आओ जानते हैं ...
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नारद मुनि का नाम सभी ने सुना है। हर साल ज्‍येष्‍ठ महीने की कृष्‍ण पक्ष द्व‍ितीया को नारद जयंती मनाई जाती है। हिन्‍दू शास्‍त्रों के अनुसार नारद को ब्रह्मा के मानस पुत्रों में से एक माना गया है। प्रत्येक पुराणों में उनकी कहानियां आपको मिल जाएगी। आओ ...
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