ओखलेश्वर हनुमानजी
32 साल से जारी है वहाँ अखंड रामायण
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यहाँ हनुमानजी की प्रतिमा की एक खासियत है कि वे शिवलिंग उठाए हुए हैं जबकि अमूमन वे पर्वतधारी के रूप में ही देखे जाते हैं। मठ पर हर माह रोहिणी नक्षत्र के दिन पुजारी सुभाषचंद्रजी के सान्निध्य में हनुमानजी को चोला चढ़ाया जाता है। रामनवमी, शिवरात्रि और हनुमान जयंती पर यहाँ मेले का विशेष आयोजन भी होता है।
मुकेश तिवारी के अनुसार, मठ तक पहुँचने के लिए दर्शनार्थियों को भारी मशक्कत भी करना पड़ती है, क्योंकि बाई ग्राम से 18 किमी तक मार्ग बेहद उबड़-खाबड़ है। इस ओर शासन-प्रशासन के साथ ही जनप्रतिनिधियों का भी अनेक बार ध्यान आकृष्ट कराया गया, पर स्थिति आज भी जस की तस है।
