दुनिया कब खत्म होगी? जानिए धर्मों की भविष्यवाणियां

Last Updated: बुधवार, 19 अप्रैल 2017 (13:13 IST)
ज्योतिष, धार्मिक पंडित या विज्ञान जगत के कुछ लोगों द्वारा पिछले कई वर्षों से दुनिया के खत्म होने का दावा किया जाता रहा है। इसके लिए समय-समय पर बकायदा तारीखें बताई गई हैं। चार से पांच बार बताई गई तारीखें अब तक झूठी साबित हुई हैं।
इन भविष्यवाणियों का आधार क्या है यह जानने की जरूरत है। विश्व के अलग-अलग हिस्सों में सुनामी, बाढ़ भूकंप जैसी प्राकृतिक घटनाओं से होने वाली तबाही ऐसी बातों को और बल देती हैं। प्राकृति की भयावह घटनाओं को देखते हुए जनता को भविष्यवाणियों द्वारा और भयभीत किया जाता रहा है। आखिर इस तरह की भविष्यवाणी करने का उद्देश्य क्या है या कि इन भविष्यवाणियों के पीछे कोई सच छुपा है? जानिए...

माया सभ्यता में : माया कैलेंडर में 21 दिसंबर 2012 के बाद की तिथि का वर्णन नहीं है। कैलेंडर अनुसार उसके बाद पृथ्वी का अंत है। इस पर यकीन करने वाले कहते हैं कि हजारों साल पहले ही अनुमान लगा लिया गया था कि 21 दिसंबर, 2012 पृथ्वी पर का दिन होगा। गणित और खगोल विज्ञान के मामले में बेहद उन्नत मानी गई इस सभ्यता के कैलेंडर में पृथ्वी की उम्र 5126 वर्ष आंकी गई है।

माया सभ्यता के जानकारों का कहना है कि 26 हजार साल में इस दिन पहली बार सूर्य अपनी आकाशगंगा ‘मिल्की वे’ के केंद्र की सीध में आ जाएगा। इसकी वजह से पृथ्वी बेहद ठंडी हो जाएगी। इससे सूरज की किरणें पृथ्वी पर पहुंचना बंद हो जाएगी और हर तरफ अंधेरा ही अंधेरा छा जाएगा। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। हां धरती पर बाढ़, तूफान और भूकंप की घटनाएं जरूर बढ़ गई।

अलगे पन्ने पर क्या कहते हैं नास्त्रेदमस...



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