डेल्टा प्लस वेरिएंट से हो सकता है अधिक संक्रमण, सावधानी बरतने की अपील की | delta plus variant
मुंबई। महाराष्ट्र के कोविड-19 कार्यबल के सदस्य डॉ. शशांक जोशी ने बुधवार को कहा कि कोरोनावायरस के 'डेल्टा प्लस' स्वरूप को लेकर चिंता करने के संबंध में पर्याप्त आंकड़े नहीं हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को कोविड-19 संबंधी एहियातन दिशा-निर्देशों का पालन करने, मास्क पहनने, भीड़भाड़ से बचने और टीका लगवाने की आवश्यकता है।
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने सोमवार को कहा था कि अत्यधिक संक्रामक माने जा रहे डेल्टा प्लस स्वरूप के 21 मामले अभी तक राज्य में पाए गए हैं जिनमें से 9 मामले रत्नागिरि, 7 जलगांव, 2 मुंबई और 1-1 मामला पालघर, ठाणे तथा सिंधुदुर्ग जिलों में पाया गया।
डॉ. जोशी ने बुधवार को ट्वीट किया कि चिंता का स्वरूप, टीका और घबराहट। डेल्टा प्लस स्वरूप को लेकर चिंता करने के लिए पर्याप्त आंकड़े नहीं हैं। हमें केवल इस बात की चिंता करनी चाहिए कि हम 2 मास्क लगाकर, भीड़भाड़ से बचकर और टीका लगवाकर कोविड अनुकूल व्यवहार का सख्ती से पालन करते रहें। डेल्टा प्लस स्वरूप अज्ञात है और इसमें संक्रमण अधिक हो सकता है।
यह नया स्वरूप 'डेल्टा प्लस' भारत में सबसे पहले सामने आए 'डेल्टा' या 'B.1.617.2'स्वरूप में 'उत्परिवर्तन' से बना है। भारत में संक्रमण की दूसरी लहर आने की एक वजह 'डेल्टा' स्वरूप भी था। कोरोनावायरस का 'डेल्टा प्लस' स्वरूप भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड, जापान, पोलैंड, नेपाल, चीन और रूस में मिला है।(भाषा)
