उज्जैन विस्फोटक मामले में एटीएस का दावा, साथियों को फंसाने रची कांस्टेबल ने साजिश

भोपाल| पुनः संशोधित मंगलवार, 22 मार्च 2016 (15:50 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश के में के बमुश्किल एक महीने पहले एक होटल में बरामदगी के मामले में प्रदेश पुलिस के आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने दो लोगों को हिरासत में लेते हुए इसका आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं होने और एक कांस्टेबल द्वारा अपने साथियों को फंसाने के लिए रची होने का दावा किया है।
 
एटीएस महानिरीक्षक संजीव शमी ने बताया कि एक निजी सुरक्षा एजेंसी में काम करने वाले सुशील मिश्रा ने होटल के कमरे में विस्फोटकों से भरा बैग रखा था। वह इसके पहले अशोकनगर की एक खदान में काम करता था, जहां उसने विस्फोटक एकत्रित किए। उसे विस्फोटकों का इस्तेमाल करना भी आता था।
 
उन्होंने बताया कि पूरे मामले के पीछे इंदौर लोकायुक्त पुलिस में पदस्थ आशीष चंदेल का दिमाग था, जिसने अपने कुछ सहकर्मियों को फंसाने के लिए ये साजिश रची। दोनों को हिरासत में ले लिया गया है।
 
शमी ने बताया कि 2.77 किलो विस्फोटक, 25 डिटोनेटर और 60 मीटर लंबा वायर बरामद किया गया है। इसके अलावा साजिश खान के नाम पर बना एक फर्जी आधार कार्ड भी जब्त किया गया है। आधार कार्ड उसी नाम पर बनवाया गया था, जिस पर आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई सिम कार्ड थी।
 
एक अन्य सवाल के जवाब में पुलिस महानिरीक्षक ने बताया कि मामला सिंहस्थ से जुड़ा नहीं है और ना ही इसमें आतंकवाद से जुड़ी कोई बात है। सिंहस्थ के मद्देनजर शहर में कडी सुरक्षा होने के बावजूद इस तरह विस्फोटक वहां तक कैसे पहुंच गए, इससे जुडे सवाल पर उन्होंने कहा कि आरोपी खदान कार्यों से जुडे थे, इसलिए उनके लिए ये कठिन नहीं था। (वार्ता)
 



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