भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने का संकल्प

इंदौर। हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा इन्दौर में आयोजित दे दिवसीय प्रांतीय हिंदू अधिवेशन में भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर अन्य प्रस्ताव भी पारित किए गए। 
 
समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने कहा कि भारतमें बहुसंख्यक होते हुए भी हिन्दुओं को धर्मांतरण, लव जिहाद, गौ-हत्या, साधु-संतों की अपकीर्ति जैसे अनेक संकटों का सामना करना पड़ रहा है। भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना ही इन सभी समस्याओं का हल है। हिन्दू राष्ट्र की स्थापना स्वार्थी नेताओं से भरे राजनीतिक दल नहीं, अपितु सर्वस्व का त्याग करने वाले ‘साधक’ वृत्ति के राष्ट्र एवं धर्म प्रेमी कर सकते हैं। 
इस अधिवेशन के प्रथम दिन के प्रथम सत्र में हिन्दुओं पर हो रहे विविध प्रकार के आघातों को वैधानिक मार्ग से विरोध करने के लिए हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा पूरे देश के 11 राज्यों में 70 से अधिक स्थानों पर प्रतिमाह किए जा रहे ‘राष्ट्रीय हिन्दू आंदोलन’ के संबंध में जानकारी दी गई। द्वितीय सत्र में गोरक्षा हेतु किए जा रहे प्रयासों का विवरण दिया गया। तृतीय सत्र में हिन्दू धर्म पर हो रहे आघात एवं इस विषय के अंर्तगत ‘भारत की युद्धनीति’, ‘इतिहास पर हो रहा आक्रमण’, ‘साधु संतो पर किए जा रहे आघात एवं अपकीर्ति’ ‘पाश्चात्य संस्कृति को स्वीकारती हिन्दू पीढ़ी’ आदि विविध विषयों पर वकताओं ने अपने विचार रखे। 
 
अधिवेशन के दूसरे दिन ‘दंगे में हिंदुओं की रक्षा’, ‘हिन्दुओं को कानूनी मार्गदर्शन’, ‘लव जिहाद एवं धर्मांतरण’, ‘हिन्दुओं में जागृति कैसे लाएं’ तथा ‘धर्मकार्य में आने वाली अड़चनें एवं साधना का महत्व’ से जुड़े उद्बोधन सत्रों का आयोजन किया गया था। इस अधिवेशन में 9 प्रस्ताव भी पारित किए गए, जिनमें प्रमुख रूप से केरल सरकार द्वारा ‘अंतरराष्ट्रीय अरेबिक विश्वविद्यालय’ बनाने का निर्णय को तत्काल निरस्त किया जाए, धर्मांतरण के खिलाफ केन्द्र सरकार कानून बनाए, घर वापसी पर रोक न लगाई जाए, गोहत्या के विरुद्ध कड़ा कानून बनाया जाए आदि हैं। 
 
10 एवं 11 जनवरी को आयोजित हुए इस कार्यक्रम में आर्य समाज, हिन्दू महासभा, हिन्दू सेवा परिषद, स्वदेशी मंदिर, धर्मजागरण मंच, हिन्दू वीर बटालियन, हिन्दू एकता मंच, हिन्दू राज्य संघ, हिन्दू जागरण, हिन्दू शौर्य जागरण अभियान, सावरकर विचार मंच, स्वामी विवेकानंद मंच, राष्ट्रीय एकता मंच, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, निर्मला गौ सेवा संघ, गौ संरक्षण समिति, गौ सेवा प्रकोष्ठ, योग वेदांत समिति, उपासना पीठ, प्राच्य विद्या शोध, उगता भारत ट्रस्ट, संस्कृत भारती, चैतन्य भारत, विवेकानंद केन्द्र, वैदिक पथ आदि संस्थाओं के 165  से अधिक लोगों ने भाग लिया। 


और भी पढ़ें :