1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. रक्षा बंधन
  4. Rakhi 2025 Hindi poem
Written By WD Feature Desk
Last Updated : गुरुवार, 7 अगस्त 2025 (15:33 IST)

रक्षाबंधन पर्व 2025 पर 2 कविताएं : सावन की फुहारों में, राखी का है ये दिन

Rakhi 2025 Hindi poem
कविता 1 : भाई बिना बहना
 
सावन की फुहारों में, 
राखी का है ये दिन। 
भाई बिना बहना, और 
बहना बिना भाई है अधूरा।
 
आज के दिन बहना, 
आती है करने श्रृंगार। 
भाई की कलाई पर, 
प्यार से बांधे ये हार।
 
ये धागा नहीं है कोई, 
ये तो है प्यार का बंधन। 
जन्म-जन्म का है ये रिश्ता,
और हर पल का है ये नमन।
****
कविता 2 : रंग-बिरंगी राखी से
 
चंदा मामा को देख, 
मन में मेरे आया ये ख्याल। 
 
जैसे चंदा की चांदनी, 
वैसे ही मेरा भाई है कमाल।
 
रंग-बिरंगी राखी से, 
सजाऊं तेरी कलाई। 
 
मांगू भगवान से, 
तेरी लंबी हो कमाई।
 
हर पल तू हंसे, 
खुशियाँ हों तेरे जीवन में। 
 
यही दुआ करती हूं, 
हर पल, 
हर दिन,
हर जनम में।
 
लेखक के बारे में
WD Feature Desk
अनुभवी लेखक, पत्रकार, संपादक और विषय-विशेषज्ञों द्वारा लिखे गए गहन और विचारोत्तेजक आलेखों का प्रकाशन किया जाता है।.... और पढ़ें
ये भी पढ़ें
Raksha Bandhan Recipes: रक्षाबंधन 2025: घर पर बनाएं ये 5 खास मिठाइयां जो दिल को छू जाएं