आज कजरी तीज और बहुला चतुर्थी एक साथ, जानिए क्या करें खास

teej pujan
 
बुधवार, 25 अगस्त का दिन काफी मायने में खास है। आज और बहुला चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी का पर्व एकसाथ मनाया जा रहा है। इसीलिए इस दिन का महत्व अधिक बढ़ गया है। आज जहां बहुला चतुर्थी के दिन गौ माता का पूजन किया जाएगा। वहीं कजरी तीज पर सुहागिन महिलाएं सज-धजकर इस पर्व को मनाएंगी। आज का यह दिन इसीलिए भी अधिक खास हो गया है क्योंकि आज संकष्टी गणेश चतुर्थी भी मनाई जाएगी।


जानिए आज क्या करें खास-

* आज बहुला चतुर्थी होने के कारण भगवान श्री कृष्‍ण का पूजन किया जाता है। इस दिन कृष्ण जी का पूरे मन पूजन करने जहां उनका आशीर्वाद मिलता है। वहीं गौमाता को पूजने से वंशवृद्धि का आशीष भी मिलेगा। आज 'हरे कृष्ण' मंत्र का जाप करना लाभदायी रहता है। साथ ही 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का उच्चारण करें।
* धार्मिक ग्रंथों में यह दिन धन और संतान का सुख देने वाला माना गया है।

* बहुला चतुर्थी व्रत के संबंध में ऐसी मान्यता है कि यह व्रत रखने से संतान के ऊपर आने वाला हर संकट टल जाता है।

* पितृ दोष के कारण यदि आप जीवन में परेशानियों का अनुभव कर रहे हैं तो प्रतिदिन गौ माता को रोटी, गुड़, हरा चारा आदि खिलाएं। लेकिन रोज संभव न हो तो हर अमावस्या को यह कार्य अवश्य करें, इससे धीरे-धीरे पितृ दोष समाप्त होगा और परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।
* आज के दिन जो व्यक्ति चतुर्थी को व्रत रखकर संध्या के समय कृष्‍ण जी, शिव परिवार तथा गाय-बछड़े की पूजा करता है उसे अपार धन, हर तरह के ऐश्वर्य तथा संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर व्रत रखने वालों को संतान सुख की प्राप्ति होती है।

* श्री गणेश विघ्नहर्ता होने के साथ-साथ प्रथम पूज्यनीय देवता माने गए हैं। चतुर्थी के दिन श्रीगणेश के पूजन का विशेष महत्व है। अत: आज श्री गणेश के खास मंत्र 'ॐ गं गणपतये नमः' का जाप करना चाहिए और उनसे जीवन के सभी कष्‍टों से निवारण, महामारी करने के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।

* आज सातुड़ी, कजरी तीज का पावन पर्व भी है। आज के दिन नीमड़ी माता का पूजन करके चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। इस दिन सत्तू की मिठाई बनाकर उसका सेवन करके व्रत को पूर्ण करें।

* इस दिन महिलाओं झूला झूलना चाहिए।

* आज के दिन सुहागन महिलाएं उपवास रखकर अपने पति और संतान की दीर्घायु के लिए प्रार्थना करें।

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आज राहुकाल का समय दोपहर 12:00 से 1:30 बजे तक रहेगा। अत: इस समयावधि में पूजन करने से बचें।


* आज तीज माता की कथा, संकष्टी चतुर्थी और बहुला चौथ की कथा का पठन अथवा श्रवण अवश्य करें।


- RK.




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