सोमवार, 20 अप्रैल 2026
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Written By WD Feature Desk
Last Modified: सोमवार, 6 अप्रैल 2026 (18:32 IST)

साल 2026 में परशुराम जयंती कब मनाई जाएगी?

lord Parshuram
Parshuram Jayanti 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, भगवान परशुराम का जन्म वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हुआ था, जिसे अक्षय तृतीया के रूप में भी मनाया जाता है। इस बार 20 अप्रैल 2026 सोमवार को अक्षय तृतीया रहेगी। 
 

तिथि और शुभ मुहूर्त (ज्योतिषीय गणना के अनुसार):

तृतीया तिथि का प्रारंभ: 19 अप्रैल 2026 को सुबह 10:49 बजे से।
तृतीया तिथि का समापन: 20 अप्रैल 2026 को सुबह 07:26 बजे तक।
 

20 अप्रैल 2026 पूजा का शुभ मुहूर्त: 

अभिजीत मुहूर्त: दिन में 11:54 से 12:46.
 
नोट: उदयातिथि अनुसार 20 अप्रैल 2026 को अक्षय तृतीया रहेगी। ज्यादातर पंचांगों और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 20 अप्रैल 2026 को ही अक्षय तृतीया मनाना श्रेष्ठ रहेगा। इसलिए परशुरामजी का जन्मोत्सव 20 अप्रैल को ही रहेगा।
 

परशुराम जयंती पूजन विधि:

अक्षय तृतीया और परशुराम जयंती पर भगवान विष्णु और परशुराम जी की पूजा एक साथ की जा सकती है। यहां आपकी सुविधा के लिए सामान्य पूजन विधि दी जा रही है। 
 
1. तैयारी:
  • प्रातः काल उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • पूजा स्थल को साफ करें और गंगाजल से शुद्ध करें।
  • एक लकड़ी की चौकी पर पीला या लाल कपड़ा बिछाएं।
  • भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भगवान परशुराम की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
 
2. संकल्प:
हाथ में जल, अक्षत, फूल और द्रव्य लेकर व्रत और पूजा का संकल्प लें।
 
3. आवाहन:
भगवान गणेश और नवग्रहों का आह्वान करें।
 
4. विष्णु और लक्ष्मी पूजन:
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का ध्यान करें।
उन्हें पीले फूल, चंदन, तुलसी के पत्ते, धूप, दीप और नैवेद्य में खीर, फल, मिठाई आदि अर्पित करें।
 
लक्ष्मी मंत्र: 
'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' और विष्णु मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का जाप करें। तथा विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं।
शंख में जल भरकर पूजा में प्रयोग करें।
 

5. परशुराम पूजन:

  • भगवान परशुराम का ध्यान करें।
  • उन्हें चंदन, दूर्वा और यदि संभव हो तो एक छोटा फरसा/ कुल्हाड़ी अर्पित करें।
  • 'ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि। तन्नो परशुराम प्रचोदयात्।' इस मंत्र का जाप करें। साथ ही आप परशुराम कथा का पाठ भी कर सकते हैं।
 
6. आरती:
भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और भगवान परशुराम की आरती करें।
 
7. प्रार्थना:
पूजन के पश्चात अपनी मनोकामनाएं और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
 
8. प्रसाद वितरण:
पूजा में अर्पित नैवेद्य को परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों में वितरित करें। इस प्रकार आप अक्षय तृतीया पर भगवान परशुराम की जयंती पर विधि-विधान से पूजा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
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