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Rambha Teej 2024: अप्सरा रंभा कौन थीं?
Rambha Teej 2024 Katha
Highlighs :
* अप्सरा रंभा ने दिया था रावण को शाप।
* अप्सरा रंभा कौन थीं, पढ़ें कथा।
* नलकुबेर कौन थे।
Rambha Ki Katha : धार्मिक ग्रंथों के अनुसार रंभा तीज/ रम्भा तृतीया व्रत बहुत ही शीघ्र फलदायी व्रत माना जाता है। यह व्रत अप्सरा रंभा के लिए किया जाता है। मान्यतानुसार इस अप्सरा ने रावण को शाप दिया था। अप्सरा रंभा समुद्र मंथन से प्रकट हुई थी। वह नलकुबेर की पत्नी थी। तथा रावण और कुबेर दोनों भाई थे। और कुबेर के पुत्र का नाम था नलकुबेर था, जिसका विवाह रंभा से हुआ था।
आइए यहां जानिए इस अप्सरा की कथा....
वाल्मीकि रामायण के अनुसार अप्सरा रंभा रावण के बड़े भाई कुबेर के बेटे नलकुबेर की पत्नी और रावण की पुत्रवधू के समान थीं।
इस कथा के सम्बन्ध में मान्यतानुसार विश्व विजय प्राप्त करने के लिए रावण जब स्वर्ग लोक पहुंचा तो उसे वहां रंभा नाम की अप्सरा दिखाई दी। तब रावण ने कामातुर होकर रंभा को पकड़ लिया।
तब अप्सरा रंभा ने कहा कि आप मुझे इस तरह से स्पर्श न करें, मैं आपके बड़े भाई कुबेर के बेटे नलकुबेर के लिए आरक्षित हूं। इसलिए मैं आपकी पुत्रवधू के समान हूं। लेकिन रावण ने रंभा की बात नहीं मानी और रंभा से दुराचार किया।
जब यह बात नलकुबेर को पता चली तो उसने रावण को शाप दे दिया कि आज के बाद रावण जब भी बिना किसी स्त्री की इच्छा के उसको स्पर्श करेगा तो उसका मस्तक सौ टुकड़ों में बंट जाएगा।
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