भारतीय तस्कर पर जुर्माना

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की एक अदालत ने मूल के एक पर 10 लाख पाउंड का जुर्माना किया है। यह उस में काम करता था जिसने 80 लाख से अधिक नकली सिगरेटों की तस्करी की।

ने 10 सदस्यीय गिरोह के सरगनाओं में से एक अमरजीत सिंह कुल्लर (40) को आदेश दिया कि वह या तो 6 महीने के अंदर जुर्माना अदा करे या फिर तीन साल की अतिरिक्त कैद भुगते। कुल्लर को 2006 में दो साल कैद की सजा सुनाई गई थी। यदि उसने जुर्माना अदा नहीं किया तो उसे तीन साल और जेल में गुजारने पड़ेंगे। अदालत ने कहा- से प्रेरित होकर किया गया जिससे 12 लाख पाउंड के राजस्व कर की हानि हुई।

राजस्व एवं सीमा शुल्क से संबंधित जाँच अधिकारी निक बुरिस ने सुनवाई में कहा- तस्करी के इस बड़े अभियान को गहरी साजिश रचकर अंजाम दिया गया जिसमें एक बड़े कंटेनर के जरिए नकली सिगरेटों की तस्करी की गई।

सिगरेटों की तस्करी केन्या से की गई और उन पर जानी पहचानी ब्रांड की मुहर लगा दी गई। इसके बाद इन्हें 280 डिब्बों में भरा गया जिन पर चाय का लेबल लगा हुआ था।

कंटेनर 15 अगस्त 2003 को फ्लीक्सटोव डोक्स पहुँचा जिसके बारे में सीमा शुल्क और आबकारी अधिकारियों को पता चल गया। लीसेस्टर निवासी हरेंद्र कुमार पटेल (62) गिरोह का 10वाँ सदस्य है जिसे अगले साल 23 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।

भाषा|
पटेल तस्करी की साजिश में अपनी भूमिका के चलते ब्रिटेन छोड़कर भाग गया। इसके बाद वह अमेरिका के नार्थ कैरोलिना पहुँचा लेकिन जाँचकर्ता उसके प्रत्यर्पण के लिए अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर काम करते रहे। आठ अन्य तस्करों में से अधिकतर लीसेस्टर निवासी हैं जिन्हें 2006 में कुल 12 साल 9 महीने की कैद की सजा सुनाई गई थी।



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