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प्रवासी कविता : मोदी जी का जलवा। pravasi hindi poem

poem on Narendra Modi
- हरनारायण शुक्‍ला
 
मोदी जी का जलवा देखो, वो जीत गए दोबारा,
'चौकीदार चोर है', बिल्कुल झूठा था वह नारा।  
 
आशातीत विजय से, मोदी जी ने किया कमाल,
राजनीति के पंडित ने, भेजा राहुल को ननिहाल।
 
कांग्रेस टीवी से गायब, क्यों हुई बोलती बंद, 
उंचास वर्ष का शासन, आ गई थी जनता तंग। 
 
बंगाल में जादू कर दिया मोदी ने इस बार, 
ढीला पड़ा महागठबंधन, हुई करारी हार।  
 
सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, 
अब मोदी गढ़ेंगे भारत का, नूतन स्वर्णिम इतिहास।