चैत्र नवरात्रि के पहले दिन करें ये 5 उपाय, माता शैलपुत्री की बरसेगी विशेष कृपा
देवी दुर्गा के नौ रूप होते हैं। देवी दुर्गा के पहले स्वरूप को माता शैलपुत्री के नाम से जाना जाता है। ये ही नवदुर्गाओं में प्रथम दुर्गा है। शैलराज हिमालय के घर पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा। नवरात्रि पूजन में प्रथम दिवस इन्हीं की पूजा व उपासना की जाती है। चैत्र नवरात्रि में ज्योतिष के कुछ विशेष उपाय करने से सुख, शांति और धन लाभ की प्राप्ति हो सकती है। ये उपाय देवी दुर्गा और माता शैलपुत्री की कृपा पाने और ग्रहों की स्थिति को मजबूत करने के लिए किए जाते हैं।
1. घट और कलश स्थापना:
नवरात्रि के पहले दिन शुभ मुहूर्त में विधि-विधान के साथ घट स्थापना करके कलश स्थापित करें। यह घर में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा लाता है।
2. शैलपुत्री का भोग:
माँ शैलपुत्री को गाय के घी से बनी चीजों या शुद्ध घी का भोग लगाया जाता है। मां भगवती की विशेष कृपा प्राप्ति हेतु प्रतिपदा तिथि को नैवेद्य के रूप में गाय का घी मां को अर्पित करना चाहिए और फिर वह घी ब्राह्मण को दे देना चाहिए। इससे आरोग्य और खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है।
3. मुख्य द्वार पर तोरण:
घर के मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाएं। यह नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने से रोकता है। नवरात्रि शुरू होने से पहले पूरे घर की अच्छे से साफ-सफाई करें। घर में माँ दुर्गा की तस्वीर या मूर्ति को ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में स्थापित करें।
4. शैलपुत्री का फूल:
माता शैलपुत्री को सफेद कनेर, सफेद गुलाब, मोगरा या सफेद कमल भी अर्पित कर सकते हैं। इससे माता बहुत प्रसन्न होकर आपको आशीर्वाद देंगी। माता को सफेद रंग पसंद है, इसलिए भक्त इस दिन अक्सर सफेद या क्रीम रंग के वस्त्र पहनते हैं।
5. मंत्र जप:
माता शैलपुत्री की पूजा करते समय "वृषारूढ़ां शूलधरां शैलपुत्रीं यशस्विनीम्" मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी माना जाता है।