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Written By WD Feature Desk
Last Updated : बुधवार, 18 मार्च 2026 (16:19 IST)

चैत्र नवरात्रि में क्या करें और क्या नहीं करें? जानिए 6 जरूरी नियम

maa durga photo
चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व आध्यात्मिक ऊर्जा और आत्म-संयम का उत्सव है। इस दौरान ब्रह्मांड में शक्ति का संचार विशेष रूप से बढ़ जाता है। अगर आप इस नवरात्रि अपनी श्रद्धा और ऊर्जा को सही दिशा देना चाहते हैं, तो यहां कुछ 'क्या करें' और 'क्या नहीं' की एक स्पष्ट मार्गदर्शिका दी गई है।
 

चैत्र नवरात्रि: क्या करें (Dos)

1. ब्रह्म मुहूर्त में जागें और रोज पूजा: सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करना और स्वच्छ वस्त्र धारण करना सकारात्मकता के द्वार खोलता है। नवरात्रि के नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। 
 
2. कलश स्थापना और अखंड ज्योति: यदि संभव हो, तो घटस्थापना के समय शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करें। अखंड ज्योति जला रहे हैं, तो ध्यान रखें कि वह पूरे नौ दिनों तक प्रज्वलित रहे।
 
3. सात्विक आहार: यदि आप उपवास रख रहे हैं, तो कुट्टू का आटा, सिंघाड़ा, साबूदाना, फल और दूध का सेवन करें। साधारण भोजन करने वालों को भी लहसुन-प्याज का त्याग करना चाहिए। नवरात्रि के दौरान सात्विक भोजन करना चाहिए।
 
4. मंत्र जाप और ध्यान: 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' या दुर्गा सप्तशती का पाठ करना मन को शांत और संकल्प को दृढ़ बनाता है। सुबह और शाम दीपक जलाकर दुर्गा चालीसा और आरती का पाठ करें।
 
5. कन्या पूजन: अष्टमी या नवमी के दिन छोटी कन्याओं को देवी का रूप मानकर उन्हें भोजन कराएं और सामर्थ्य अनुसार भेंट दें। नवरात्रि के अष्टमी या नवमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। नौ कन्याओं को माता का रूप मानकर उनका पूजन करें।
 
6. साफ-सफाई: घर और पूजा स्थल को हमेशा स्वच्छ रखें। मान्यता है कि जहां स्वच्छता और पवित्रता होती है, वहीं देवी का वास होता है। इसलिए घर को साफ और पवित्र रखें।

चैत्र नवरात्रि: क्या नहीं करें (Don'ts)

1. तामसिक भोजन का त्याग: इन नौ दिनों में मांस, मछली, मदिरा, शराब, अंडा और यहाँ तक कि लहसुन-प्याज से पूरी तरह दूरी बनाए रखें।
 
2. क्षौर कर्म (कटिंग/शेविंग): शास्त्रों के अनुसार, नवरात्रि के दौरान बाल काटना, दाढ़ी बनाना और नाखून काटना वर्जित माना गया है।
 
3. चमड़े की वस्तुओं का प्रयोग: पूजा के दौरान बेल्ट, जूते या पर्स जैसी चमड़े की चीजों का उपयोग करने से बचें।
 
4. अन्न का अपमान: व्रत के दौरान अन्न की बर्बादी न करें। साथ ही, यदि आपने घर में कलश या ज्योति जलाई है, तो घर को कभी खाली (सूना) न छोड़ें। जो लोग व्रत रखते हैं उन्हें सामान्य अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए।
 
5. कठोर वाणी: किसी का अपमान न करें, झूठ न बोलें और वाद-विवाद से बचें। इन दिनों क्रोध, झगड़ा और अपशब्द बोलने से बचना चाहिए। मन को शांत और सकारात्मक रखें। शक्ति की पूजा मन की शांति से ही सफल होती है। 
 
6. दिन में सोना: विष्णु पुराण के अनुसार, व्रत रखने वालों को दिन में सोने से बचना चाहिए ताकि वे मानसिक रूप से सचेत रह सकें।
 

एक विशेष सुझाव

चैत्र नवरात्रि के दौरान गर्मी की शुरुआत हो जाती है, इसलिए अपने आहार में तरल पदार्थों (जैसे नारियल पानी, छाछ और जूस) की मात्रा अधिक रखें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।