71 National Film Award: कौन हैं राष्ट्रीय पुरस्कार जीतने वाली 6 साल की त्रिशा थोसर? इतनी कम उम्र में क्या हैं उपलब्धियां
Who is Trisha Thosar: 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह ने एक बार फिर भारतीय सिनेमा की समृद्ध परंपरा को रेखांकित किया। जहाँ एक ओर शाहरुख खान, रानी मुखर्जी, विक्रांत मैसी और मोहनलाल जैसे दिग्गजों को सम्मानित किया गया, वहीं एक छोटी-सी बच्ची ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। यह बच्ची हैं 6 वर्षीय त्रिशा थोसर , जिन्होंने महज 6 साल की उम्र में सर्वश्रेष्ठ बाल कलाकार का राष्ट्रीय पुरस्कार जीतकर एक नया इतिहास रच दिया है।
त्रिशा को यह सम्मान उनकी मराठी फिल्म नाल 2 में चिमी (रेवती) के किरदार के लिए मिला। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित इस भव्य समारोह में, त्रिशा को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों गोल्डन लोटस अवॉर्ड, एक प्रमाणपत्र और नकद राशि प्रदान की गई।
अभिनय के प्रति शुरुआत से था रुझान: त्रिशा का एक्टिंग के प्रति रुझान बहुत कम उम्र से ही दिख रहा था। उनके परिवार ने इस प्रतिभा को पहचाना और उसे निखारने के लिए हर संभव प्रयास किया। उन्होंने त्रिशा को थिएटर और स्थानीय मंचन का अनुभव दिलाया, जिससे उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई। इसी मार्गदर्शन और उनके सहज अभिनय ने उन्हें राष्ट्रीय मंच पर खड़ा कर दिया। उनके प्रदर्शन में एक स्वाभाविक मासूमियत और अभिव्यक्ति की गहराई थी, जिसने दर्शकों और जूरी सदस्यों, दोनों का दिल जीत लिया।
दिग्गज कलाकारों के साथ कर चुकीं हैं काम: त्रिशा का करियर भले ही छोटा हो, लेकिन वह कई दिग्गज कलाकारों के साथ काम कर चुकी हैं, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने मराठी सिनेमा के जाने-माने फिल्म निर्माता महेश मांजरेकर और अभिनेता सिद्धार्थ जाधव जैसे बड़े नामों के साथ काम किया है। यह उनके लिए एक अमूल्य अनुभव रहा है, जिससे उन्हें अभिनय की बारीकियों को समझने का मौका मिला। त्रिशा महेश मांजरेकर के निर्देशन में बनी एक और फिल्म पुन्हा शिवाजीराजे भोसले में भी अहम भूमिका निभा रही हैं, जिसमें उनके साथ भार्गव जगताप भी नजर आएंगे। भार्गव भी उन पांच बाल कलाकारों में से एक हैं, जिन्हें 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में सम्मानित किया गया है।
त्रिशा थोसर की यह जीत सिर्फ एक राष्ट्रीय पुरस्कार नहीं है, बल्कि यह उन लाखों बच्चों के लिए एक प्रेरणा है जो अभिनय की दुनिया में अपना नाम बनाना चाहते हैं। उनकी यह सफलता मराठी सिनेमा के लिए भी गर्व का विषय है, क्योंकि इसने एक बार फिर क्षेत्रीय सिनेमा की मजबूत नींव को उजागर किया है। त्रिशा की मासूमियत, सहजता और अभिनय के प्रति उनका समर्पण उन्हें भविष्य में और भी बड़ी ऊंचाइयों पर ले जाएगा।